'भारत रक्षा पर्व' पर सैनिक अस्पताल में छात्राओं ने जवानों को बांधी राखी

Meerut : देशवासियों के लिए देश की सरहदों को हर वक्त सुरक्षित रखने वाले सेना के जवानों के साथ शुक्रवार को स्कूलों की छात्राओं ने रक्षाबंधन पर्व मनाया. दैनिक जागरण की ओर से आयोजित 'भारत रक्षा पर्व' के मौके पर छात्राओं ने सैनिक अस्पताल में इलाजरत जवानों व सैनिकों को राखी बांधी. घर से दूर जवानों ने भी बड़े स्नेह, प्यार व सम्मान के साथ छात्राओं को शुभकामनाएं दी. जहां एक ओर यह समय सैनिकों के लिए भावुक रहा वहीं छात्राओं ने लिए जवानों की खाली कलाई को राखी से भरना गौरवपूर्ण अनुभव रहा.

कार्यक्रम में सेंट जॉन सीनियर सेकेंड्री स्कूल व केएल इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने जवानों को राखी बांध कर उनका मुंह मीठा कराया. राखी बांधने के बाद जवानों के चेहरे आत्मीय भाव की मुस्कान से खिले दिख रहे थे. इस अवसर पर उपस्थित एमएच के कमांडेंट ब्रिगेडियर जेएस बिश्नोई ने राखी बंधवाने के बाद छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी. इस मौके पर सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल बी चंद्रशेखर सहित अन्य जवान व अधिकारी उपस्थित रहे. दोनों स्कूलों की शिक्षिकाओं ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया. दैनिक जागरण की ओर से महाप्रबंधक विकास चुग, सिटी चीफ दिनेश दिनकर व ब्रांड मैनेजर अरुण तिवारी उपस्थित रहे.

राखी बंधवाने की इच्छा हुई पूरी

पश्चिम बंगाल के रहने वाले सिपाही ए रहमान ने बताया कि वे हमेशा से ही राखी बंधवाना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक माहौल न होने के कारण ऐसा नहीं हुआ. पहली बार बहनों से राखी बंधवाकर बहुत अच्छा लग रहा है. मैं यह खुशखबरी अपनी बहन के साथ ही सभी दोस्तों को दूंगा. ईश्वर इन बहनों को सदा खुश व सुरक्षित रखे.

बहन नहीं है, अब मिल गईं

बुलंदशहर के नायक सुरेंद्र सिंह बताते हैं कि उनकी कोई बहन नहीं है और इसीलिए वे रक्षाबंधन के मौके पर कभी घर नहीं गए. एमएच में इलाज के दौरान स्कूली बच्चियों से राखी बंधवाना सुखद रहा. उन्होंने कहा कि उनके चाचा की बेटियां हैं और वे कोशिश करेंगे कि उनसे राखी बंधवाने पहुंच सकें.

चार साल से नहीं पहुंचा घर

उत्तराखंड के रहने वाले लांस नायक मनोज जोशी बताते हैं कि वे पिछले चार सालों से रक्षाबंधन पर घर नहीं पहुंचे. राखी आती थी तो बांध लेते थे. इस बार बहनों के हाथों राखी बंधवाकर अच्छा लगा.

राखी बांध खुश हुई छात्राएं

जवानों के हाथों को राखी से सजाने की खुशी छात्राओं की आंखों में साफ देखने को मिली. पहली बार जवानों को राखी बांधना उनके लिए एक साथ कई भाइयों को पाने के समान रहा. दोनों स्कूलों की छात्राओं ने जवानों को उनकी बहनों की कमी महसूस नहीं होने दी. उनकी सलामती की कामना की और देश रक्षा में डटे रहने के लिए बहनों की ओर से प्रार्थना भी की.