- लखनऊ के कारोबारी को देवरिया जेल में बंधक बनाने का मामला

- तीन अन्य व्यापारियों के साथ भी देवरिया जेल में हुई थी मारपीट- कई जेल अफसरों की भूमिका संदिग्ध, सीबीआई करेगी पूछताछ

लखनऊ (ब्यूरो)। लखनऊ के कारोबारी मोहित जायसवाल को माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों द्वारा देवरिया जेल में बंधक बनाकर मारपीट करने और उसकी कंपनियों को अपने नाम कराने के मामले की जांच सीबीआई ने तेज कर दी है। अतीक के एकाउंटेंट पवन कुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसे रिमांड पर लेकर सीबीआई ने पॉलीग्राफ टेस्ट के जरिए अतीक से जुड़े कई अहम राज उगलवाए हैं तो वहीं दूसरी ओर सीबीआई के अफसरों ने यूपी एसटीएफ के कार्यालय जाकर अतीक की जेल में कारस्तानियों के बारे में भी तमाम अहम जानकारियां एकत्र की है। सूत्रों की मानें तो एसटीएफ के अधिकारियों ने सीबीआई को अतीक की हरकतों के बारे में विस्तार से बताया है।

जेल में सीधे होती थी एंट्री

सूत्रों की मानें तो एसटीएफ ने सीबीआई को अतीक के जेल में वर्चस्व के बारे में जो जानकारियां दी हैं उससे इस केस में कई अहम प्रमाण मिलने से अतीक और उसके करीबियों पर शिकंजा कसना आसान हो जाएगा। एसटीएफ ने सीबीआई के अफसरों को बताया है कि अतीक ने मोहित जायसवाल के बाद प्रयागराज के तीन व्यापारियों को भी जेल में बुलाया और बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा था। तीनों ने अतीक के आतंक की वजह से पुलिस में इसकी शिकायत नहीं की थी पर जब मोहित जायसवाल ने राजधानी की कृष्णानगर कोतवाली में देवरिया जेल में अपने साथ हुई घटना की एफआईआर दर्ज करायी तो तीनों व्यापारियों ने भी प्रयागराज पुलिस से इसकी शिकायत की थी। इतना ही नहीं, एसटीएफ ने सीबीआई को कुछ ऐसे ऑडियो के बारे में भी जानकारी दी है जो अतीक द्वारा मोबाइल के जरिए जेल से लोगों को धमकाने के दौरान रिकॉर्ड किए गये थे। इनमें मुंबई का एक व्यापारी भी है जिसका अतीक ने चुनाव के दौरान पैसा न देने पर धमकाया था।

अतीक की डायरी में सफेदपोशों से लेनदेन का 'राज', देर रात तक ठिकानों पर जारी रहा CBI छापा

जेल अफसरों की भूमिका संदिग्ध

एसटीएफ ने सीबीआई को यह भी बताया है कि नैनी जेल के बाद देवरिया जेल में भी अतीक का दबदबा कायम था। जेल अधिकारियों में उसकी इतनी धमक थी कि बिना आवश्यक औपचारिकता पूरी किए अतीक के इशारे पर कोई भी जेल में प्रवेश पा जाता था। अतीक और उसके गुर्गे जेल में बेहिचक मोबाइल का भी इस्तेमाल करते थे और छापेमारी के दौरान उसे बंदीरक्षकों की मदद से छिपा दिया जाता था। सीबीआई ने ऐसे तमाम जेल अफसरों की फेहरिस्त भी तैयार की है जो नैनी जेल और देवरिया जेल में अतीक के रहने के दौरान तैनात थे और उसकी मदद करते थे। सीबीआई जल्द ही इन अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए तलब करने की तैयारी में है।

lucknow@inext.co.in

Posted By: Shweta Mishra

National News inextlive from India News Desk