फर्जी लेटर के आधार पर आवास-विकास ने संपत्ति की सीलिंग प्रक्रिया को टाला

लेटर का खुला भेद तो सीलिंग के लिए तय की 8 जुलाई की तारीख

Meerut. आवास-विकास की करीब ढाई करोड़ की प्रॉपर्टी के फर्जी कागजात तैयार कर बिक्री और अवैध निर्माण के मामले में एक नया खेल सामने आया है. इस मामले में शिकायतकर्ता के नाम से ही जारी एक फर्जी लेटर के आधार पर आवास-विकास ने संपत्ति की सीलिंग प्रक्रिया को टाल दिया. उधर, शिकायतकर्ता ने कमिश्नर से लेकर डीएम, एसएसपी और सहायक आवास आयुक्त से इस मामले की शिकायत कर आवास-विकास के कर्मचारियों पर बिल्डर के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है.

फ्री होल्ड का खेल

आवास विकास द्वारा साल 2015 में जागृति विहार स्थित कमर्शियल भूखंड संख्या 7 कॉम-1 को रंजना एसोसिएट के पार्टनर पंकज गुप्ता को आवंटित किया गया था. इस संपत्ति की करीब 2 करोड़ 53 लाख रुपये कि किश्त आवंटी को जमा करनी थी. मगर किश्त जमा किए बिना ही बिल्डर ने फर्जी फ्री होल्ड के आधार पर कमर्शियल भूखंड पर मानकों के विपरीत दुकान और फ्लैट बना बेच दिए.

जारी किया फर्जी लेटर

इस मामले में समाज सेवी कुलदीप शर्मा की शिकायत पर मामला खुलने के बाद आवास-विकास ने अपना बचाव करते हुए बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी थी और 4 जुलाई को भवन को सील के आदेश दिए थे. शुक्रवार को इस मामले में आवास-विकास द्वारा भवन पर सीलिंग की कार्रवाई की जानी थी लेकिन उससे पहले ही शिकायतकर्ता कुलदीप शर्मा के नाम से अपनी शिकायत वापस लेने और बिल्डर के खिलाफ भविष्य में कोई शिकायत न करने का पत्र आवास-विकास कार्यालय में रिसीव कर लिया गया.

कमिश्नर व डीएम से जांच की मांग

इस मामले में जानकारी मिलने पर शिकायतकर्ता कुलदीप शर्मा ने शनिवार को कमिश्नर, डीएम और सहायक आवास आयुक्त से मुलाकात कर शिकायत वापसी के पत्र को फर्जी बताते हुए आवास-विकास की बिल्डर से सांठगांठ का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है. इस मामले में एसपी ट्रैफिक के स्तर पर बिल्डर की गिरफ्तारी के आदेश भी किए गए हैं. शिकायत होने पर अब आवास -विकास ने दोबारा 8 जुलाई को सीलिंग के आदेश जारी किए हैं.

बिल्डर को कार्रवाई से बचाने के लिए फर्जी लेटर के माध्यम से यह प्रयास किया गया था लेकिन अब हमने इस लेटर की जांच की मांग की है. आवास-विकास ने लेटर मिलने के बाद एक बार भी फोन नंबर तक की पुष्टि नहीं की और सीलिंग को टाल दिया.

कुलदीप शर्मा, शिकायतकर्ता

संपत्ति विभाग द्वारा वह लेटर रिसीव किया गया था, लेकिन सीलिंग की कार्रवाई फोर्स ना मिलने के कारण स्थगित की गई थी 8 जुलाई को फोर्स मिलने पर सीलिंग होगी.

प्रमोद सिंह, ईएक्सईएन