- स्टूडेंट्स काउंसिलिंग सिस्टम के लिए अध्यक्ष पद पर प्रो. रविशंकर सिंह की हुई नियुक्ति

- यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटीज और कॉलेजेज को काउंसिलिंग सिस्टम डेवलप करने के दिए थे निर्देश

GORAKHPUR: डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स की स्ट्रेस दूर करने और उन्हें प्रॉब्लम से छुटकारा दिलाने की ओर पहला कदम बढ़ा लिया है. वीसी प्रो. वीके सिंह ने स्टूडेंट्स काउंसिलिंग सिस्टम का गठन करते हुए डीएसडब्लू प्रो. रवि शंकर सिंह को इसके अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है. अब प्रो. रवि शंकर अपनी टीम तैयार करेंगे, जिसके बाद यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स की प्रॉब्लम को सॉल्व करने के साथ ही उनकी काउंसिलिंग भी कराई जाएगी. कमेटी में क्रीड़ा परिषद, एनसीसी, एनएसएस, सोश्योलॉजी, साइकोलॉजी, जर्नलिस्म के साथ ही पेरेंट्स का भी इनवॉल्वमेंट होगा, ताकि हर पहलू पर स्टूडेंट्स को सॉल्युशन दिया जा सके.

सभी तरह की प्रॉब्लम होगी दूर

स्टूडेंट्स की काउंसिलिंग हो या फिर रैंगिंग को लेकर होने वाली स्ट्रेस, बदलाव का डर हो या फिर होम सिकनेस, स्टूडेंट्स जब भी स्कूल से यूनिवर्सिटी या कॉलेज में पहुंचता है, तो उसका एटमॉस्फियर पूरा चेंज हो जाता है और उसे इस तरह की प्रॉब्लम फेस करनी पड़ जाती है. इस प्रॉब्लम से स्टूडेंट्स को निजात दिलाने के लिए यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटीज और कॉलेजेज को 'स्टूडेंट्स काउंसिलिंग सिस्टम' डेवलप करने के निर्देश दिए. जिस सीरीज में गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने भी पहल की है और एडमिशन से पहले इस कमेटी को फॉर्म करने की तैयारी की जा रही है.

टीचर्स को स्टूडेंट्स हाेंगे एलॉट

इसमें काउंलर्स के साथ ही टीचर्स और पेरेंट्स को भी इनवॉल्व किया जाए, जिससे स्टूडेंट्स की प्रॉब्लम जल्दी दूर हो सके. पेरेंट्स के मौजूद होने पर स्टूडेंट्स खुलकर प्रॉब्लम बता सकेंगे, जिससे सारी बातें क्लीयर हो जाएंगी. यूजीसी की ओर से डेवलप होने वाले नए सिस्टम से स्टूडेंट्स को काफी फायदा भी होगा. यूनिवर्सिटी या कॉलेज सभी स्टूडेंट्स को टीचर्स के सुपुर्द कर देंगे, जोकि उनकी देखभाल पेरेंट्स की तरह करेंगे. काउंलर्स को स्टूडेंट्स के गार्जियन के तौर पर उसकी देखभाल की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वह अपने पेरेंट्स की कमी का अहसास न करें.

हॉस्टलर्स पर खास ध्यान

यूजीसी ने हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट्स पर खास फोकस रखा है. इसके तहत जिस स्टूडेंट्स की टीचर्स को गार्जियन के तौर पर जिम्मेदारी मिलेगी, वह हॉस्टल वार्डन से को ऑर्डिनेट कर स्टूडेंट्स की पर्सनल डीटेल, उनके बिहेवियर और एकेडमिक रिकॉर्ड से जुड़ी इंफॉर्मेशन भी हासिल करेंगे, जिससे उन्हें किस तरह से बूस्ट अप करना है और उनके कॅरियर को कैसे नई दिशा देनी है, इसकी स्ट्रैटजी प्लान कर सकेंगे. इसके लिए यूनिवर्सिटी ने ट्रेंड साइकोलॉजिस्ट को ही काउंलर बनाने के निर्देश दिए हैं.