-पच्चीस दिन से डिग्री के लिए दे रहे हैं धरना प्रर्दशन

-विवि अधिकारी स्टूडेंट्स को दे रहे सिर्फ आश्वासन

आगरा. डॉ.भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स अब एक दिन खाना खाकर गुजारा कर रहे हैं, क्योंकि घर से जो खर्चे के लिए रुपए लाए थे, वो खर्च हो चुके हैं. विश्वविद्यालय में धरने पर बैठे बीएड स्टूडेंट्स पिछले पच्चीस दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने हाल ही में हुई सहायक शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन किया है, अब टेस्ट पास करने के बाद साक्षात्कार से गुजरना है, जहां मूल प्रमाण पत्रों को दिखाना अनिवार्य है.

पच्चीस दिन से दे रहे धरना

विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स विवि से डिग्री की मांग कर रहे हैं. वह परिसर में पिछले पच्चीस दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं.

घर से जो खर्चे के लिए वह रुपए लाए थे वो खर्च हो चुके हैं, बीएड स्टूडेंट्स महेश ने बताया कि परिवार भी आर्थिक रूप से मजबूत नहीं है, सहायक शिक्षक की नौकरी मिलने की अंतिम उम्मीद भी खोती जा रही है. बीएड स्टूडेंट्स आर्थिक तंगी के चलते दिन में एक बार खाना खाकर गुजार कर रहे हैं. इससे कई लोगों की हालत भी बिगड़ चुकी है. लेकिन विवि अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

अधुरा रह जाएगा शिक्षक बनने का सपना

धरने पर बैठे स्टूडेंट्स को शिक्षक बनने का सपना अधुरा होता दिखाई दे रहा है, क्योंकि धरना प्रदर्शन के पच्चीस दिन बीतने के बाद भी विवि प्रशासन बीएड स्टूडेंट्स को डिग्री मुहैया कराने में विफल हैं. विवि अधिकारियों के इस रवैये से सत्र 2012-13 में बीएड करने वाले स्टूडेंट्स का सहायक अध्यपक बनने का सपना अधुरा रह सकता है.

बढ़ सकती हैं विवि की मुश्किलें

विवि परिसर में धरने पर बैठे स्टूडेंट्स में से कुछ ही स्टूडेंट्स को डिग्री मिली है, जबकि अन्य धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हैं, उनकी मा‌र्क्सशीट व डिग्री में खामियां बताई जा रहीं हैं. धरने पर बैठे स्टूडेंट्स ने बताया कि वह पहले दो बार अस्थाई डिग्री निकलवा चुका है, लेकिन अब विवि अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं. ऐसी स्थिति में स्टूडेंट्स न्यायालय की शरण में जाते हैं तो विवि की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

वर्जन

धरने पर बैठे स्टूडेंट्स की समस्या का समाधान किया जा रहा है, डाटा का फाईल से मिलान किया जा रहा है, जल्द ही उन्हें डिग्री मुहैया कराई जाएगी, जिनका रिजल्ट क्लीयर है.

केएन सिंह, कुलसचिव डॉ.भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय