- लखनऊ से रद किया गया सीपीएमटी का एग्जाम

- पेपर आउट होने की आशंका के चलते लिया गया एक्शन

- समय से सेंटर्स पर पहुंच चुके थे सभी कैंडीडेट्स

Meerut: सीपीएमटी एंट्रेंस एग्जाम के लिए पुलिस प्रशासन और यूनिवर्सिटी की तैयारियां धरी की धरी रह गई. एंट्रेंस के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. जैमर और सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था की गई थी. रविवार की सुबह सभी सेंटर्स पर बच्चे पहुंच चुके थे. अभी इनको ओएमआर सीट बंटती इससे पहले ही एग्जाम कैंसल होने की सूचना ने सभी को सन्न कर दिया. इसके साथ ही सभी तैयारियां धरी की धरी रह गई. सभी कैंडीडेट्स को वापस लौटना पड़ा.

यह था सीन

रविवार को सीपीएमटी (कंबाइंड प्री मेडिकल टेस्ट) का एंट्रेंस था. इसके लिए यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर वीके मल्होत्रा मेरठ सेंटर्स पर एंट्रेंस एग्जाम कोऑॅर्डिनेटर बनाए गए थे. मेरठ जिले में एंट्रेंस के लिए दस सेंटर बनाए गए, जिन पर भ्फ्फ्ख् कैंडीडेट्स एंट्रेंस देने वाले थे. सेंटर्स पर पुलिस और प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई. यह एग्जाम सुबह नौ बजे शुरू होकर बारह बजे तक चलता. सभी सेंटर्स पर एलआईयू की ओर से मोबाइल जैमर की व्यवस्था की गई थी. वहीं सुबह एग्जाम से पहले कैंडीडेट्स पहुंच चुके थे.

स्थगित हो गया पेपर

इस बार शासन, प्रशासन व पुलिस की ओर से अच्छी खासी व्यवस्था की गई थी, ताकि कोई मुन्ना भाई एग्जाम में गड़बड़ी ना कर सके. इसके बाद भी वही हुआ, जिसकी आशंका थी. गाजियाबाद में बने सेंटर पर एग्जाम से पहले ही गड़बड़ी सामने आ गई. एक लिफाफे की सील ब्रेक की गई थी. इसके चलते यूपी के सभी सेंटर्स पर होने वाला यह एंट्रेंस एग्जाम रोक दिया गया. सेंटर्स पर पहुंचे स्टूडेंट्स इसको लेकर काफी मायूस दिखे. वहीं कुछ ने राहत की सांस भी ली कि उनको इसकी तैयारी के लिए कुछ दिन और मिल जाएंगे.

अगले महीने होगा एग्जाम

इस बार कैंडीडेट्स को पेन और पानी दोनों सेंटर्स पर मिलने थे. कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस साथ में ले जाने से मना किया गया था. लगाए गए जैमर भी पचास मीटर के दायरे तक काम करते. इसके साथ ही सेंटर्स पर कैंडीडेट्स के फिंगर प्रिंट, वीडियोग्राफी और फोटो ग्राफी की भी व्यवस्था थी. कोऑॅर्डिनेटर वीके मल्होत्रा का कहना है कि उनको करीब साढ़े नौ बजे एग्जाम पोस्टपोन करने की जानकारी मिली. अब अगले महीने बीस जुलाई को यह एग्जाम हो सकता है. बाकी लखनऊ स्तर पर इसकी डेट तय होगी.