-फीस न देने पर बच्चों को खाली क्लास में बंद कर देते थे

- प्रिंसिपल ने कहा, पेरेंट्स के सिखाने पर ऐसा बोल रहे बच्चे

BAREILLY:

शहर से 15 किलोमीटर दूर स्थित कॉम्पीटेंट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के पेरेंट्स अब और भड़क गए हैं. पेरेंट्स का कहना है कि स्कूल उनके बच्चों को लगातार प्रताडि़त कर रहा था. साथ ही बच्चों ने भी स्कूल प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. स्टूडेंट्स का कहना है कि स्कूल प्रिंसिपल उन्हें तो प्रताडि़त करती थीं और उनके पेरेंट्स के बारे में भी अपशब्द बोलतीं थीं. फीस को लेकर उन्हें स्कूल के खाली क्लास रूम में बंद कर दिया जाता था. दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने स्कूल से निकाले गए कुछ बच्चों से बात की तो स्कूल में बच्चों ने स्कूल में किए जा रहे उत्पीड़न की हकीकत बयां कर दी.

खाली क्लास में बंद कर दिया

स्कूल में पढ़ने वाली क्लास 9 की एक स्टूडेंट ने बताया कि प्रिंसिपल ने उन्हें 21 दिसम्बर को स्कूल से बाहर निकाल दिया था. उन्हें क्लास में बैंच पर हाथ ऊपर करके घंटों तक खड़ा किया जाता था. छात्रा का आरोप है कि प्रिंसिपल मैडम उनके पापा को चोर और डिफाल्टर कहती थीं. बताया कि गलती से किसी की कॉपी उसके बैग में आ जाने पर उसे चोर कहकर पूरे स्कूल में घुमाया गया था.

पेरेंट्स के लिए बोलते थे अपशब्द

क्लास 9 में पढ़ने वाली एक अन्य छात्रा ने बताया कि प्रिसिंपल मैडम ने उसे 30 दिसम्बर को स्कूल से बाहर निकाल दिया, जिसके बाद अभी तक वह स्कूल नहीं जा सकी है. मैडम उसके पेरेंट्स के लिए बहुत गंदे कमेंट करती थीं. उसे तेज धूप में खड़ा किया जाता था, जिससे वह बीमार हो गई थी. अब वह स्कूल जाती है तो उसे भगा देते हैं.

एक हफ्ते से नहीं गई स्कूल

क्लास 7 में पढ़ने वाली छात्रा ने बताया कि उसे एक हफ्ते पहले स्कूल से निकाला है. प्रिंसिपल मैडम कहती थीं कि जब तक फीस नहीं लाओगी तब तक स्कूल में एंट्री नहीं मिलेगी. आरोप है कि फीस जमा नहीं करने पर उसे हाथ ऊपर करके पूरे स्कूल में घुमाया गया था. पेरेंट्स के लिए भी काफी अपशब्द बोलते थे.

अपनी शक्ल मत दिखाना

क्लास 6 में पढ़ने वाले एक छात्र का आरोप है कि प्रिंसिपल मैडम कहती थीं, जब तक तुम लोगों की फीस जमा न हो तब तक तुम अपनी शक्ल मत दिखाना. पेरेंट्स के लिए बोलते थे कि वह यहां कर गुंडागर्दी करते हैं. फीस को लेकर उसे भी खाली क्लास में बंद किया जाता था.

11 को होगी सुनवाई

पेरेंट्स ने बताया कि उन्होंने जिला समिति के फैसले के इंतजार में अभी तक फीस नहीं जमा की है, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं मिला. जब स्कूल प्रशासन ने बच्चों को प्रताडि़त किया तो इसकी शिकायत डीआईओएस से की, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला. पेरेंट्स ने शनिवार को कोर्ट की शरण ली. पेरेंट प्रेम शर्मा ने बताया कि 11 फरवरी को कोर्ट में उनके मामले में सुनवाई है. कोर्ट का जो भी फैसला होगा वो उसे ही मानेंगे.

वर्जन

स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों को पेरेंट्स ने सिखाया है. यह बच्चे जो भी बोल रहे हैं वो पूरी तरह से गलत है. अब तो इन बच्चों की हद इतनी हो गई है कि इनकी तो नो एंट्री ही होगी.

-सीमा सक्सेना, प्रिंसिपल