- कटहल के पेड़ पर लटक रही थी लाश, मर्डर व सुसाइड के बीच उलझी गुत्थी

- कैसे निकला बैरक से, जेल के अफसर नहीं दे पा रहे जवाब, सास का किया था कत्ल

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ALLAHABAD:

सेंट्रल जेल नैनी में सजायाफ्ता बंदी रंजीत (46) की कटहल के पेड़ पर फांसी पर लटकती हुई लाश मिली. रंजीत हमीरपुर जिले का रहने वाला था और उसको सास के कत्ल के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. जेल के अफसरों का कहना है कि रंजीत ने सुसाइड किया है लेकिन मौत की गुत्थी अभी उलझी हुई है. हालात मर्डर की ओर भी इशारा कर रहे हैं. वह रात में बैरक से कैसे निकला और उसको रस्सी कहां से मिली? इसका जवाब अभी मिलना बाकी है.

हमीरपुर जेल से हुआ था ट्रांसफर

रंजीत हमीरपुर के मौदहा के गुरदहा का रहने वाला था. सास के कत्ल में सजा सुनाए जाने के बाद से वह हमीरपुर जेल में ही बंद था. जेल में उसका आए दिन किसी न किसी कैदी से झगड़ा होता रहता था. इस बात पर उसको 29 अक्टूबर 2014 को सेंट्रल जेल नैनी ट्रांसफर कर दिया गया. रंजीत को नैनी में बैरक नंबर पांच में रखा गया था. मंगलवार रात करीब नौ बजे के आसपास उसकी लाश को कटहल के पेड़ पर फांसी से लटकते हुए पाया गया. फांसी नायलोन की रस्सी से लगाई गई थी. लाश को सबसे पहले बंदी रक्षकों ने देखा था. खबर सीनियर जेल सुप्रिटेंडेंट व डिप्टी जेलर को दी गई.

परिवार वालों को दी गई सूचना

सीनियर जेल सुप्रिटेंडेंट केदारनाथ व डिप्टी जेलर अरुण कुशवाहा स्पॉट पर पहुंचे. अफसरों की विजिट के बाद लाश को फांसी पर से उतरवाया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. रंजीत की पत्‍‌नी सुनीता देवी को भी हमीरपुर खबर भेजी गई. रंजीत के दो बेटे हैं. पोस्टमार्टम गुरुवार को हुआ. जेल प्रशासन फैमिली वालों के पहुंचने के इंतजार कर रहा था. लाश को जेल प्रशासन की सुपुर्दगी में दे दिया गया था.

यह मर्डर तो नहीं है

जेल के मैनुअल के हिसाब से शाम को पांच बजे सभी बंदियों की गिनती की जाती है. इसके बाद सभी को बैरक में भेज दिया जाता है. इसके बाद बंदी सुबह ही बैरक से बाहर निकलते हैं. रंजीत बाहर रह गया या मंगलवार को जेल में गिनती हुई ही नहीं, इस सवाल का जवाब तलाशा जा रहा है. आशंका इस बात की भी है कि अंधेरा होने के बाद कहीं उसको मारकर कटहल के पेड़ पर तो लटका नहीं दिया गया. नायलोन की रस्सी का रहस्य भी अभी सुलझा नहीं है. जेल में इस तरह की रस्सी का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. जेल में यह रस्सी कैसे पहुंची, इसकी भी पड़ताल जारी है.

होगी मजिस्ट्रेटी जांच

सुसाइड के मामले में इलाहाबाद से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मचा हुआ है. आईजी जेल संतोष श्रीवास्तव ने मौत की विभागीय जांच के साथ ही मजिस्ट्रेटी जांच के भी निर्देश दे दिए हैं. सीनियर जेल सुप्रिटेंडेंट से भी इस मामले की बिंदुवार रिपोर्ट मांगी गई है. यह भी पूछा गया है कि रात में कितने बंदी रक्षक ड्यूटी पर थे. सभी का बयान भी लिया जाएगा.