-छात्र की शिक ायत पर वीसी ने कराई जांच

-बीएड फर्जीवाड़े में ‌र्क्लक जा चुका है जेल

आगरा. डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सस्पेंड क्लर्क की बर्खास्तगी पर विचार किया जा सकता है. अधिकारियों ने आरोपी क्लर्क के खिलाफ साक्ष्य एकत्रित करने के निर्देश जारी किए हैं. कुलपति डॉ. अरविन्द दीक्षित के सख्त तेवर से विवि कर्मचारियों में खलबली की स्थिति बनी है. कॉपियों में नंबर बढ़ाने का मामला प्रकाश में आने के बाद दूसरे कर्मचारी भी विवि की रडार पर हैं.

कमेटी ले सकती है निर्णय

विश्वविद्यालय में सस्पेंड रियाजुद्दीन पूर्व में जेल जा चुका हैं. कुलपति के निर्देशन में आरोपी क्लर्क का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है. इसके बाद ही कमेटी सख्त कार्यवाई पर निर्णय ले सकती है. सूत्रों का कहना है कि सस्पेंड ‌र्क्लक को बर्खास्त किया जा सकता है. आरोपी क्लर्क पहले चार्टो में नंबर बढ़ाने का कार्य करता था, लेकिन अब कॉपियों में बढ़ाने का ठेका लेता था.

विवि की कार्यशैली पर सवाल

कॉपियों में नंबर बढ़ाने का मामला इस समय विवि कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना है. हाल ही में सस्पेंड क्लर्क रियाजुद्दीन महत्वपूर्ण पटल पर तैनात था, जबकि वह फर्जीवाड़े में जेल जा चुका है, विवि अधिकारियों की इस कार्यशैली ने सवाल खड़े कर दिए हैं, सूत्रों का कहना है कि और भी कई क्लर्क जिन पर फर्जीवाड़े की जांच चल रही है, उन्हें विवि द्वारा मलाईदार पदों पर बैठाया गया है. ऐसे क्लर्क पटल पर बैठकर स्टूडेंट्स का शोषण करने से पीछे नहीं हटते.