-ताज महोत्सव का मुक्तकाशी मंच में हर बार ताजमहल की थीम पर बनता है

-महोत्सव में दिखाई देंगी आगरा के हेरिटेज की झलकियां

आगरा। ताज महोत्सव 2020 में इस बार भारतीय संस्कृति और आगरा के मॉन्यूमेंट्स को जोर-शोर से प्रमोट किया जाएगा। इसके लिए शिल्पग्राम के मुख्य द्वार को अकबर टॉम्ब के रूप में बनाया गया है और गेट नं। 2 को बृज की संस्कृति की थीम पर बेस्ड बनाया गया है। इसके अलावा शिल्पग्राम में सिटी के अन्य मॉन्यूमेंट्स को तस्वीरों या मॉडल में प्रदर्शित किया जा रहा है। इनमें फतेहपुरसीकरी, बेबी ताज सहित अन्य मॉन्यूमेंट्स को शामिल किया जा रहा है। 18 फरवरी से शुरू होने वाले ताज महोत्सव की तैयारियों को इस वक्त फाइनल टच दिया जा रहा है।

मुख्य मंच का बैकग्राउंड होगा चेंज

ताज महोत्सव में मुक्ताकाशी मंच के बैकग्राउंड में इस बार ताजमहल नहीं दिखेगा। इस बार ताज महोत्सव के मुख्य मंच में आगरा किले को जगह दी गई है। टूरिज्म डिपार्टमेंट ने इसके पीछे का कारण बताया कि इस बार हम ताज महोत्सव में टूरिस्ट्स के सामने ताज के अलावा आगरा के अन्य मॉन्यूमेंट्स को भी हाईलाइट करने का प्लान है। ताज महोत्सव में साजसज्जा कर रही कंपनी एसओएस शिल्पग्राम के मुक्ताकाशीय मंच की सज्जा तो इस बार डिफरेंट तरीके से कर ही रही है। इसके अलावा शिल्पग्राम में भारतीय संस्कृति की थीम पर भी सजावट हो रही है। महोत्सव में इस बार आगरा किले के दीवाने खास और मुसम्मन बुर्ज को भी तस्वीरों और कलाकृतियों में स्थान दिया जा रहा है।

इस बार लगाया गया है जर्मन टैंट

ताज महोत्सव में इस बार जर्मन टैंट लगाया गया है। इसकी खास बात ये है कि ये फायरप्रूफ है। इसमें बीच में कोई पिलर भी नहीं लगाना पड़ता है। केवल साइड में ही पिलर्स लगाए जाते हैं। इसके अलावा शिल्पियों के लिए बनाए जा रहे स्टॉल्स भी फायरप्रूफ बनाए गए हैं।

प्रयागराज के कलाकार बना रहे भारतीय संस्कृति की पेंटिंग

शिल्पग्राम के खंभों पर इस बार की थीम संस्कृति के रंग ताज के संग के अनुसार पेंटिंग की गई है। इसमें भगवान शिव, श्रीकृष्ण के साथ शाहजहां, मुमताज की पेंटिंग बनाई गई हैं। शिल्पग्राम परिसर में बने 135 खंभों पर प्रयागराज के कलाकार 275 पेंटिंग्स बना रहे हैं। इन पेंटिंग्स में में अर्धनारीश्वर के रूप में भगवान शिव, रास रचाते राधा-कृष्ण हैं तो मुगल शहंशाह शाहजहां, मुमताज, गुरुनानक देव भी हैं। इनमें भारतीय ग्रामीण परिवेश को दर्शाते खेत, किसान और चौपाल के चित्र भी हैं। इन पेंटिंग्स में गीत-संगीत की विविध विधाएं भी दिखाई जा रही हैं।

ताज महोत्सव में हर बार साज सज्जा अलग थीम पर होती है। इस बार ताज के अन्य मॉन्यूमेंट्स को प्रमोट किया जा रहा है। इससे ताज महोत्सव में आने वाले टूरिस्ट्स बाकी मॉन्यूमेंट्स के प्रति आकर्षित होंगे।

-प्रदीप टम्टा, यूपी टूरिज्म

Posted By: Inextlive

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