काबुल (एएफपी)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तालिबान के साथ वार्ता खत्म करने की घोषणा के बाद मंगलवार को तालिबान ने अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी सेना के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की कसम खाई है। उसने कहा है कि वाशिंगटन को वार्ता छोड़ने का पछतावा होगा। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने एएफपी को बताया, 'हमारे पास अफगानिस्तान में कब्जे को खत्म करने के दो तरीके हैं, एक जिहाद और लड़ाई व दूसरा बातचीत से मसलों का हल है। अगर ट्रंप वार्ता को रोकना चाहते हैं, तो हम पहला रास्ता (लड़ाई का) अपनाएंगे और इसको लेकर उन्हें जल्द ही पछतावा होगा।'

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बातचीत से नहीं हुआ कोई फायदा

बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ने रविवार को तालिबान के साथ शांति वार्ता खत्म करने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि तालिबान के साथ बातचीत से कोई नतीजा नहीं निकला  और यह वार्ता खत्म हो चुकी है। दरअसल, इस वार्ता का अंत अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ होना था। बताया जा रहा है कि पिछले हफ्ते काबुल में हुए हमले की जिम्मेदारी ताबिलाबन ने ली थी, यही कारण है कि अमेरिका ने इस तरह का कदम उठाया है। पिछले हप्ते डोनाल्ड ट्रंप तालिबान के एक डेलिगेशन के साथ बातचीत करने वाले थे लेकिन किसी वजह यह संभव नहीं हो पाया।

Posted By: Mukul Kumar

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