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Meerut: समर सीजन में तत्काल टिकट के लिए मारामारी को देखते हुए एक बार फिर रेलवे प्रबंधन तत्काल टिकट बुकिंग विंडो पर बायोमेट्रिक व्यवस्था को अपडेट करने में जुट गया है. इस व्यवस्था से तत्काल टिकट को एकत्र करने वाले एजेंट पर लगाम लगेगी और अन्य यात्रियों को तत्काल सेवा का लाभ मिल सकेगा. हालांकि यह योजना गत वर्ष से रेलवे की पाइप लाइन में हैं.

 

समर सीजन में कालाबाजारी

समर सीजन में रेल टिकट की कालाबाजारी सबसे अधिक होती है. दिल्ली से लेकर अधिकतर सभी महानगरों में इन दलालों का नेटवर्क सक्रिय रहता है जो एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं. सभी प्रमुख ट्रेनों के एडवांस और तत्काल टिकट इन एजेंट्स के पास उपलब्ध होते हैं. ऐसा ही एक नेटवर्क गत वर्ष रेलवे पुलिस ने खोला था जिसमें दिल्ली से लेकर मेरठ के विवि काउंटर तक से फर्जी आईडी पर एडवांस टिकट बरामद हुए थे.

 

टोकन में सेंधमारी

दरअसल तत्काल टिकट ट्रेन जाने से एक दिन पहले बुक करा सकते हैं. एक दिन पहले रेलवे के तत्काल बुकिंग विंडो या ऑनलाइन पोर्टल पर सुबह 10 से 12 के बीच तत्काल टिकट बुक किए जाते हैं. ऐसे में रेलवे काउंटर्स पर बुकिंग विंडो खुलने से पहले एडंवास टोकन और रिजर्वेशन फार्म दे दिया जाता है. विडों पर कर्मचारी से सेटिंग के चलते शुरुआत के 8 से 10 टोकन एजेंट अपने नाम ले लेते हैं और कई फर्जी आईडी से अलग अलग ट्रेनों में तत्काल टिकट बुक करा लेते हैं.

 

बायौमेट्रिक से रोक

इन एजेंट पर रोक लगाने के लिए रेलवे गत वर्ष से बायोमैट्रिक व्यवस्था लागू करने की योजना बना रही है. इस सिस्टम के लागू होने के बाद तत्काल टिकट के लिए बुकिंग विंडो से टिकट बुक कराने वाले यात्री को बायोमैट्रिक पर अपने हाथ की अंगुलियों को लगाना होगा. इसके बाद यात्री को टोकन और रिजर्वेशन फार्म मिलेगा. फार्म भरने के बाद टोकन नंबर के हिसाब से यात्री को आसानी से तत्काल टिकट मिल जाएंगे. एक बार बायोमैट्रिक होने के बाद दोबारा उस यात्री को तत्काल टिकट रेलवे के किसी भी काउंटर से नही मिलेगा. यानि यात्री केवल एक ही बार तत्काल टिकट बुक करा सकेगा.

 

इस व्यवस्था पर पिछले साल से विचार चल रहा है, लेकिन मेरठ में अभी इस योजना को लागू नही किया गया है. कोशिश है कि जल्द बायोमैट्रिक व्यवस्था मेरठ में लागू की जाए.

आरपी शर्मा, स्टेशन अधीक्षक

Posted By: Lekhchand Singh