- टीबी पेशेंट्स की मदद के लिए आरयू के प्रोफेसर ने बनाया डिजिटल प्लेटफॉर्म

- कन्वोकेशन में राज्यपाल ने दिया था सजेशन, पहले दिन 9 मरीजों को लिया गया गोद

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3-साल से कर रहे हैं टीबी मरीजों के लिए काम

21 अक्टूबर को टीबी मरीजों की यूनीक आईडी तैयार कर बनाया डिजिटल प्लेटफॉर्म

- 9 मरीजों को पहले ही दिन समाजसेवियों ने लिया गोद

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बरेली : गोद लो, रोक दो टीबी नारे को बुलंद कर आरयू के फार्मेसी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. अमित ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है. टीबी मरीजों की मदद के लिए उन्होंने एक 'जीरो टीबी एडॉप्ट पेशेंट' फेसबुक पेज क्रिएट किया है. इसे उन्होंने एक डिजिटल प्लेटफॉर्म का रूप दिया है. मंडे को इसकी लॉन्चिंग की. इसके जरिए पहले दिन नौ मरीजों को गोद लिया गया. वहीं इस मुहिम से स्टूडेंट्स और समाजसेवी भी जुड़ रहे हैं.

फ‌र्स्ट डे 9 टीबी पेशेंट लिए गोद

डिजिटल प्लेटफॉर्म लांचिंग के पहले ही दिन 9 टीबी पेशेंट को लोगों ने गोद लिया. डॉ. अमित वर्मा बताते हैं कि आरयू कन्वोकेशन में आईं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी शिक्षकों से एक टीबी पेसेंट को गोद लेने के लिए कहा था. इसके लिए वीसी प्रो. अनिल शुक्ल ने भी उनसे कहा तब जाकर फेसबुक पेज क्रिएट किया.

ऐसे कर सकते हैं हेल्प

- फेसबुक पर जीरो टीबी एडॉप्ट पेशेंट पेज ओपन करना होगा

- पेज पर पेशेंट की यूनीक आईडी ही मिलेगी

- यूनीक आईडी सिलेक्ट कर गोद लेने के लिए रिक्वेस्ट भेजनी होगी

- रिक्वेस्ट के साथ एक गूगल फॉर्म फिल करना होगा

- इसके बाद जो भी टीबी पेशेंट गोद लेना चाहता है उसे सिलेक्ट यूनीक आईडी की डिटेल दी जाएगी.

गोद लेने पर करेंगे केयर

टीबी पेशेंट को गोद लेने का मतलब सिर्फ उसकी केयर करना है. जो भी टीबी पेशेंट को गोद लेगा उसे उसके लिए पौष्टिक आहार, दवाएं बीच में न छूटे आदि का ख्याल रखना होगा. इसकी निगरानी के लिए ही टीबी पेशेंट को गोद लिया जा रहा है.

सीक्रेट रखा गया है डाटा

डिजिटल प्लेटफॉर्म में किसी मरीज की आईडेंटिटी शो नहीं की है. डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके गर्ग की हेल्प से पेशेंट के डाटा लेकर सभी मरीजों की यूनीक आईडी बनाई है. ताकि पेशेंट की आईडेंटिटी शो न हो. इसके लिए आईटी एक्सपर्ट शांतनु पांडेय को जिम्मेदारी दी गई है.

इन्होंने गोद लिए पेशेंट

-डॉ. अमित वर्मा

-अनूप अग्रवाल

-शालू

-अजीत

-दीपक

-भगवती प्रसाद

-रामप्रकाश

-अमर सिंह

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- अच्छी पहल है. अगर हर कोई अपने क्षेत्र के टीबी पेशेंट को गोद ले तो हमारा देश टीबी मुक्त हो सकेगा. लेकिन इसके लिए सभी को पहल की जरूरत है.

- अनूप अग्रवाल

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- डिजिटल प्लेटफॉर्म से लोगों को जोड़ने का आइडिया अच्छा है. अगर किसी को बताते तो अधिक लोग नहीं जुड़ पाते. लेकिन इस तरह अधिक लोग जुड़ेंगे.

- अजीत

Posted By: Inextlive