नई दिल्ली (आईएएनएस)भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) के मुताबिक, अनचाही कमर्शियल कॉल या स्पैम कॉल पूरे देश में दूरसंचार ग्राहकों के लिए एक बड़़ी समस्या बन गई हैं। ऐसे में दूरसंचार ग्राहकों के हित में ट्राई इंडस्ट्री से जुड़ी प्रमुख कंपनियों के साथ मिलकर काम कर ही है।

माइक्रोसॉफ्ट और टेक महिंद्रा मिलकर ब्लॉकचेन तकनीक द्वारा लड़ेंगे स्पैम कॉल से
इसी कड़ी में टेलीकॉम ग्राहकों को स्पैम कॉल के खतरें से बचाने के लिए प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनी टेक महिंद्रा ने सोमवार को स्पैम कॉल के खतरे से लड़ने को ब्लॉकचेन आधारित सॉल्युशन बनाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ अपनी साझेदारी की घोषणा की है। फ्रॉड काल के खतरों से लोगों को बचाने के लिए की गई इस साझेदारी को लेकर टेक महिंद्रा में ब्लॉकचेन के ग्लोबल प्रैक्टिस लीडर राजेश धुड्डू ने बताया है, "टेक्नोलॉजी के रूप में ब्लॉकचेन एक शक्तिशाली उपकरण है। जो स्पैम कॉल और धोखाधड़ी के जोखिमों का सामना करने के लिए, यूजर्स की जानकारी की रक्षा के साथ-साथ दूरसंचार क्षेत्र की के इंटीग्रेटेड सिस्टम को बनाए रखने में कारगर साबित हो सकता है।

फ्रॉड और स्‍पैम कॉल्‍स से जल्‍द मिल सकता है छुटकारा! माइक्रोसॉफ्ट और टेक महिंद्रा मिलकर कर रहे ये काम

ब्लॉकचेन तकनीक और माइक्रोसॉफ्ट Azure ऐसे करेंगे कमाल
डिसट्रीब्यूटेंड लेजर टेक्नोलॉजी (जिसे आमतौर पर ब्लॉकचेन के नाम से जाना जाता है) आधारित सॉल्युशन सिस्टम स्पैम और फ्रॉड करने वाले लोगों या संस्थाओं को भ्रामक वित्तीय जानकारी शेयर करने से रोकने में समर्थ है। स्पैम कॉल करने वाले लोग टेलीकॉम कंपनियों की व्यापक सेवाओं का अनाधिकृत तरीके से इस्तेमाल करते हैं। ब्लॉकचेन आधारित नया सिस्टम माइक्रोसॉफ्ट के Azure प्लेटफॉर्म के सहयोग से ऐसा तंत्र बनाएगा, जिसमें सभी टेलीकॉम कंपनियों समेत तमाम अन्य पार्टियां भी शामिल होंगी। इसका फायदा यह होगा कि कोई भी कंपनी चोरी छिपे अथवा बिना टेल्को या ग्राहक की अनुमति के किसी भी तरह की फेक कॉल या मैसेज नहीं कर पाएंगे। इससे फ्रॉड काल्स पर नियंत्रण रखना आसान हो जाएगा।

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स्पैमर और फ्रॉड कॉलर को ट्रेस करना होगा आसान
इस नए सिस्टम के बारे में बात करते हुए माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के नेशनल टेक ऑफिसर प्रशांत शुक्ला ने बताया, ''क्लाउड और ब्लॉकचैन का यह पूरा पारिस्थितिक तंत्र पूरे टेलीकॉम सेक्टर में निगरानी और रेगुलेशंस को ठीक से लागू करना सुनिश्चित करेगा। इससे स्पैमर और फ्रॉड कॉलर को ट्रेस करना और उन तक पहुंच पाना आसान हो जाएगा। इससे फ्रॉड कॉल्स के खतरनाक तंत्र पर लगाम लगाई जा सकेगी।

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Posted By: Chandramohan Mishra

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