>-आग लगने की घटना में फायर ब्रिगेड की टीम के लिए मुसीबत बन रहीं होर्डिग्स

-शहर के ज्यादातर मुहल्लों के एंट्री प्वॉइंट्स पर कम ऊंचाई पर लगी हैं होर्डिग्स

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RANCHI (12 June) : बुधवार की शाम मेन रोड में महावीर टावर वाली गली में स्थित जेडी कॉरपोरेट बिल्डिंग का सेकेंड फ्लोर आग की चपेट में आ गया था. तीन घंटे की मशक्कत के बाद वहां लगी आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन आग बुझाने के दौरान हुईं परेशानियों ने एक चिंगारी जैसे सवाल को हवा दे दी है कि यहां फायर फाइटिंग को लेकर हम कितने तैयार हैं. दरअसल, जेडी कॉरपोरेट बिल्डिंग में लगी आग को बुझाने के लिए जब फायर ब्रिगेड की गाड़ी (ब्रोंटो स्काईलिफ्ट) पहुंची, तो महावीर टावर गली में लगीं होर्डिग्स के कारण इस गाड़ी का अंदर घुसना मुश्किल हो गया था, जिससे आग बुझाने में फायर ब्रिगेड की टीम को परेशानियों का सामना करना पड़ा. यह तो सिर्फ एक बानगी है, शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से लेकर विभिन्न कॉलोनियों और मुहल्लों के एंट्री प्वाइंट्स पर ऐसे दर्जनों होर्डिग लगी हुई हैं, जिनके कारण अगर कभी आग की घटना यहां पर होगी, तो दमकल की गाडि़यां यहां पर नहीं पहुंच पाएंगी.

कम ऊंचाई पर लगी हैं होर्डिग्स

रांची के विभिन्न मुहल्लों के एंट्री प्वॉइंट्स पर आई नेक्स्ट ने जब गुरुवार को जायजा लिया, तो पता चला कि किस तरह ये होर्डिग्स खतरनाक बनी हुई हैं. इन होर्डिग्स को इतनी कम ऊंचाई पर लगाया गया है कि यहां पर फायर ब्रिगेड की गाडि़यां पहुंच ही नहीं सकतीं. लेकिन, रांची नगर निगम का इसपर कोई ध्यान नहीं है.

नगर निगम को नहीं पता कितनी हैं होर्डिग्स

रांची नगर निगम को यह पता नहीं है कि रांची शहर में विभिन्न मोहल्लों के एंट्री प्वॉइंट्स पर कितनी होर्डिग्स लगी हैं. साथ ही निगम को यह भी नहीं पता है कि पूरे रांची शहर में विभिन्न कंपनियों के कितनी होर्डिग्स लगी हुई हैं. रांची नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए वे सर्वे करा रहे हैं.

गलियां भी तंग हैं

शहर में कई ऐसे मार्केट्स हैं, जहां पहुंचनेवाली सड़कें संकीर्ण हैं. इन मार्केट्स में अगर कभी आग लगी, तो यहां पर फायर ब्रिगेड की गाडि़यां ही नहीं पहुंच सकती हैं. अपर बाजार का दीनबंधु लेन, जो रंगरेज गली के नाम से भी जाना जाता है, शहर का एक फेमस मार्केट है. लेकिन, यहां पर अतिक्रमण इतना ज्यादा है कि यहां का रोड संकरा हो चुका है. यहां अगर कभी भी आग लगी, तो यहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी का पहुंचना मुश्किल हो जाएगा.

अपार्टमेंट्स में भी हैं खतरे में

फायर फाइटिंग अरेंजमेंट्स की अनदेखी सिर्फ मार्केट्स में ही नहीं, बल्कि शहर के अपार्टमेंट्स में की जाती है. शहर में बिल्डर्स द्वारा बनाई गईं ज्यादातर मल्टीस्टोरीड बिल्डिंग में फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं है. इससे आग लगने की स्थिति में यहां के ज्यादातर अपार्टमेंट्स में जान-माल का काफी नुकसान हो सकता है. यह खुलासा हुआ था पिछले साल फायर सर्विस डिपार्टमेंट की एक रिपोर्ट में. उस रिपोर्ट के बाद रांची डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने शहर की सभी मल्टीस्टोरीड बिल्डिंग्स में फायर सेफ्टी की व्यवस्था को लेकर जांच करवाई थी. इस जांच में फायर सर्विस डिपार्टमेंट ने पाया था कि बिल्डिंग में आग लगने की स्थिति में इससे बचने का कोई इंतजाम नहीं है. ज्यादातर बिल्डिंग्स में आग से निपटने के लिए उपकरण का केवल ढांचा भर है. पानी की बौछार के लिए जिस बॉक्स में पाइप को लपेटकर रखा जाता है, उसमें पाइप ही नहीं है. पानी फेंकने के लिए लगाए गए पाइप जंग खा रहे हैं. जबकि, ख्00भ् के नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुसार शहर में सभी मल्टीस्टोरीड बिल्डिंग्स और अपार्टमेंट्स में फायर सेफ्टी का इंतजाम करना है.

पार्षदों ने नहीं सौंपी रिपोर्ट

रांची डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने शहरी जोखिम न्यूनीकरण परियोजना के तहत शहर की सभी मल्टीस्टोरीड बिल्डिंग्स, होटल, रेस्टोरेंट और दूसरी बिल्डिंग्स में फायर सेफ्टी की क्या व्यवस्था है, इसकी जांच के लिए एक प्रोजेक्ट बनाया है. इसके तहत रांची नगर निगम के सभी पार्षदों को अपने एरिया में स्थित सभी अपार्टमेंट्स, मल्टीस्टोरीड बिल्डिंग्स, होटल और रेस्टोरेंट की जांच करके एक रिपोर्ट डीसी ऑफिस में सौंपनी है. लेकिन, रांची नगर निगम के पार्षदों ने अभी तक कोई ि1रपोर्ट नहीं सौंपी है.

स्कूलों ने भ्ाी नहीं सौंपी रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के तहत शहर के सभी स्कूलों में फायर सेफ्टी की व्यवस्था करनी है. इसके लिए जिला आपदा प्रबंधन योजना शुरू की गई है, जिसके तहत सभी स्कूलों में फायर सेफ्टी की क्या व्यवस्था है, इसकी एक रिपोर्ट डीसी ऑफिस स्थित जिला आपदा विभाग को सौंपना है. इसे लेकर डीसी ने सिटी के सभी प्रिंसिपल के साथ एक मीटिंग भी की थी, लेकिन कुछ स्कूलों को छोड़कर किसी भी स्कूल ने अभी तक रिपार्ट नहीं सौंपी है.

'शहर में जो भी अवैध होर्डिग्स लगी हुई हैं, उसकी जांच के लिए एक टीम बनाई गई है. यह टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट सैंपेगी. इसके बाद इल्लीगल होर्डिग्स के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा.'

-रामकृष्ण कुमार

असिस्टेंट सीईओ, रांची नगर निगम