भाई-बहन के पर्व पर बाधा नहीं बनी भद्रा

रिमझिम फुहार के बीच बहनों ने मनाया रक्षा पर्व

भाईयों ने भी बहनों की सुरक्षा का लिया संकल्प

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ALLAHABAD:

'बहना ने भाई की कलाई पे प्यार बांधा है, प्यार के दो तार से संसार बांधा है..', 'भइया मेरे राखी के बंधन को निभाना, भैया मेरे छोटी बहन को न भुलाना..' सुमन कल्याणपुरी और लता मंगेशकर द्वारा गाया गया रक्षाबंधन का ये गीत भले ही अधिक पुराना न हो पर भाई की कलाई पर राखी बांधने का सिलसिला सदियों पुराना है, जो आज भी कायम है. आदि काल से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए रक्षाबंधन पर बहनों ने भाईयों की कलाई पर राखी बांध रक्षा का वचन लिया. भाईयों ने बहनों की सुरक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें अपना प्यार व आशीर्वाद दिया.

नहीं करना पड़ा इंतजार

तीन वर्ष बाद इस बार बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए भद्रा के खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़ा. प्रात: काल से ही राखी बांधने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिन भर जारी रहा. रक्षाबंधन पर पूजा की थाल में राखी सजाकर अपने ईष्ट देवता को याद करते हुए 'रक्षा करोतु शुभहेतुरेश्वरी, शुभ्यानि: भद्राणि भी हन्तु चापद..' मंत्र का उच्चारण करने के बाद भाई के मस्तक पर तिलक लगाकर बहनों ने राखी बांधी.

सोशल साइट ने मिटाई दूरियां

रक्षा बंधन पर सोशल साइट्स ने शहर से बाहर या विदेश में रहने वाले भाईयों व बहनों की दूरियों को कम किया. सिंगापुर में रहने वाले वेदकांत त्रिपाठी को उनकी बहनों ने इलाहाबाद से राखी भेजी थी. उन्होंने रक्षाबंधन पर निर्धारित मुहुर्त में बहनों द्वारा भेजी राखियों को बांधा और उसकी फोटो वाट्सएप के जरिये शेयर की. अपनी बहनों से हजारों किलोमीटर दूर रहने वाले ऐसे हजारों भाईयों ने सोशल साइट्स के जरिये रक्षाबंधन सेलीब्रेट किया.

जमकर शेयर की सेल्फी

फेसबुक और वाट्सएप ने भाई-बहन के प्यार के पर्व को यादगार बनाया. लोगों ने बहनों के साथ जमकर सेल्फी ली और उसे फेसबुक, ट्वीटर व वाट्सएप पर शेयर किया. वहीं दिन भर रक्षाबंधन की बधाई देने का सिलसिला भी जारी रहा.