- दिनदहाड़े हुई वारदात से पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

- मुरादाबाद जेल से लाए जा रहे थे 24 बंदी, गाड़ी में गोलीबारी

- आईजी एसटीएफ संभल रवाना, आसपास के जिलों में अलर्ट

 

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LUCKNOW : पश्चिमी उप्र के चंदौसी न्यायालय में पेशी के बाद मुरादाबाद जेल ले लाए जा रहे तीन बंदियों ने दो सिपाहियों की गोली मारकर हत्या कर दी और सिपाहियों की रायफल लूटकर फरार हो गए. इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जाकर फरार बंदियों की तलाश में पूरे इलाके की कांबिंग शुरू कर दी. अधिकारियों द्वारा वैन में मौजूद चार अन्य पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है. वहीं मुख्यमंत्री ने दोनों सिपाहियों के शहीद होने पर शोक जताया है और उनको 50-50 लाख रुपये की आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी समेत सभी अनुमन्य सुविधाएं तत्काल मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री के आदेश पर डीजीपी ने आईजी एसटीएफ अमिताभ यश को विशेष कमांडो टीम के साथ तत्काल संभल रवाना किया गया है.

 

मिर्च पाउडर डाला, बरसाई गोलियां

संभल में हुई इस वारदात में सिपाही बिजनौर निवासी हरेंद्र और ब्रजपाल शहीद हो गये. इनकी तैनाती संभल पुलिस लाइन में थी. उनकी ड्यूटी मुरादाबाद जेल से बंदियों को ले जाने वाली वैन में लगाई गई थी. बुधवार सुबह वैन में चार अन्य सिपाहियों के साथ हरेंद्र और ब्रजपाल संभल जिले के चंदौसी स्थित दीवानी न्यायालय के लिए चले थे. वैन में 24 बंदी सवार थे. पेशी के बाद शाम को वे बंदियों को लेकर मुरादाबाद लौट रहे थे. संभल जिले के बनियाठेर थाना क्षेत्र के देवाखेड़ा गांव के पास चलती वैन में अचानक तीन बंदियों ने सिपाहियों की आंख में मिर्च पाउडर डाल दिया और उन पर अपने पास छुपाकर रखे गए पिस्टल और तमंचे से सिपाहियों पर ताबड़तोड़ फाय¨रग कर हत्या कर दी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बदमाशों के तीन से चार साथियों ने बाहर से भी वैन पर फाय¨रग की है. इसके बाद तीनों बंदी वैन का दरवाजा खोल फरार हो गए.

 

आस-पास के जिलों में अलर्ट

घटना के बाद बदायूं, अमरोहा, मुरादाबाद और बरेली जिलों की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है. मुरादाबाद के आईजी रमित शर्मा और बरेली जोन के एडीजी अविनाश चन्द्र भी मौके के लिए रवाना हो चुके हैं. फरार बंदियों को पकड़ने के लिए बरेली एसटीएफ को भी लगाया गया है. एसपी संभल यमुना प्रसाद ने बताया कि फरार बंदियों की पहचान शकील पुत्र नूर मुहम्मद, कमल पुत्र जंगबहादुर निवासी रमपुरा बहजोई और धर्मपाल पुत्र देशराज दोनों निवासी भरतपुर बहजोई के रूप में हुई है. तीनों एक इंजीनियर की हत्या और उससे रंगदारी मांगने के आरोप में अक्टूबर 2014 से मुरादाबाद जेल में बंद थे.