नई दिल्ली (पीटीआई)। टिक टॉक ने बुधवार को कहा कि यह उन सामग्रियों को हटा देगा जो धर्म, इमिग्रेशन स्‍टेट्स या राष्ट्रीयता जैसी विशिष्टताओं के नाम पर व्‍यक्तियों/समूहों के प्रति हिंसा को बढ़ावा देता या हानि पहुंचाता है। शॉर्ट-वीडियो प्लेटफॉर्म, जिसने अब मौजूदा नियमों में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए अपनी कम्‍यूनिटी गाइडलाइंस का विस्तार किया है, ने कहा कि अंडर एज (13 वर्ष से कम आयु) के एकाउंट्स को भी हटा देगा।

TikTok's guidelines

टिकटॉक ने एक ब्‍लाग पोस्‍ट में कहा, 'हम यह बताना चाहते हैं कि यूजर्स टिकटॉक की नई गाइडलाइंस को समझें, जिसमें यह बताया गया है कि हम कब और क्यों ऐप पर कुछ प्रतिबंध लगाते हैं और एप्लिकेशन पर किस की अनुमति है अथवा नहीं है...हमने जो कम्‍यूनिटी गाइडलाइंस आज जारी की हैं यूजर्स को पिछले वर्जन के मुकाबले कहीं अधिक विवरण देती हैं।' इसमें कहा गया है कि यूजर्स बुधवार से गाइडलाइंस की सूचना प्राप्त करना शुरू कर देंगे।

दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट हटाए जाएंगे

प्‍लेटफार्म, जो भारत सहित वैश्विक स्तर पर युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है, ने कहा कि देश की टीमें स्थानीय कानूनों और मानदंडों के अनुसार इन गाइडलाइंस का स्थानीयकरण और कार्यान्वयन करती हैं। इन गाइडलाइंस का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटा दिया जाएगा और गंभीर या बार-बार उल्लंघन में शामिल अकाउंट निलंबित या प्रतिबंधित कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'कुछ परिस्थितियों में, हम एक कदम आगे बढ़ेंगे और अपने समुदाय को सुरक्षित रखने के लिए संबंधित कानूनी अधिकारियों को अकाउंट की रिपोर्ट देंगे।'

गलत जानकारी को बढ़ावा देने वाले कंटेंट की अनुमति नहीं

TikTok ने कहा कि प्लेटफॉर्म स्पैमिंग, प्रतिरूपण और गलत जानकारी को बढ़ावा देने वाले कंटेंट की अनुमति नहीं देगा, जिसका उद्देश्य यूजर्स को धोखा देना या भ्रमित करना है। उन्होंने कहा, 'हम दुष्प्रचार की अनुमति नहीं देते हैं जो हमारे समुदाय या जनता को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जबकि हम अपने यूजर्सको उन विषयों के बारे में सम्मानजनक बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं जो उनके लिए महत्वपूर्ण हैं, हम गलत सूचना को दूर करते हैं जो किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य या व्यापक सार्वजनिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकती हैं।'

ऐसे कंटेंट की नहीं होगी अनुमति

कंपनी की ओर से कहा गया है कि गलत जानकारी को बढ़ावा देने वाले अभियानों के कंटेंट को हटा दिया जाएगा और यूजर्स से उन सामग्रियों को पोस्ट न करने का आग्रह किया जाएगा जो चुनाव या अन्य नागरिक प्रक्रियाओं के बारे में समुदाय के सदस्यों को गुमराह करते हैं। कंपनी ने कहा कि यह खतरनाक व्यक्तियों या संगठनों को आतंकवाद, अपराध, या अन्य प्रकार के व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए प्‍लेटफार्म का उपयोग करने की अनुमति नहीं देता है जिससे नुकसान हो सकता है। यह दावा किया गया कि "शैक्षिक, ऐतिहासिक, व्यंग्यपूर्ण, कलात्मक और अन्य कंटेंट जिन्हें स्पष्ट रूप से काउंटर स्‍पीच के रूप में पहचाना जा सकता है" को छूट दी जाएगी।

Tiktok transparency report

चीन स्थित बाइटडांस के स्वामित्व वाले टिकटॉक के भारत में लगभग 200 मिलियन यूजर्स हैं। दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में जारी कंपनी की पहली ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट के अनुसार, 2019 की पहली छमाही में टिकटॉक पर यूजर्स की जानकारी और कंटेंट हटाने के लिए भारत ने सबसे अधिक अनुरोध किया। TikTok ने कहा कि उसे भारत से जनवरी और जून 2019 के बीच 143 यूजर अकाउंट के लिए कुल 107 अनुरोध (99 कानूनी और 8 आपातकालीन) प्राप्त हुए थे। इसके अलावा, इसे 9 खातों के लिए 11 सरकारी अनुरोध प्राप्त हुए, जिसके बाद 8 खाते और कंटेंट के 4 अंश हटा दिए गए या प्रतिबंधित कर दिए गए।

किसी की व्‍यक्तिगज जानकारी का खुलासा करने पर होगी कार्रवाई

बुधवार को पेश किए गए नए दिशा-निर्देश ऐसे कंटेंट को भी प्रतिबंधित करते हैं जिनमें किसी की व्‍यक्तिगत पहचान का खुलासा करने वाली जानकारी जैसे कि निवास स्‍थान, ई-मेल एड्रेस, फोन नंबर, बैंक स्‍टेटमेंट, सोशल सिक्‍यूरिटी नंबर, या पासपोर्ट को सामने लाने या ऐसा करने की धमकी देती है, साथ ही अश्‍लील या गैर-सहमतिपूर्ण अंतरंग छवियों को दर्शाती है। टिकटॉक ने यह भी कहा कि यह यूजर्स को किसी अन्य के बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को प्रकाशित करने या वितरित करने की अनुमति नहीं देगा। दिशानिर्देशों में नाबालिगों की सुरक्षा, उत्पीड़न और धमकाने और सुसाइड व खुद को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट को लेकर भी नियम हैं।

Posted By: Mukul Kumar

Business News inextlive from Business News Desk