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LUCKNOW: आखिरकार लंबे इंतजार के बाद नगर निगम की ओर से कोटपा एक्ट के प्राविधानों को शहर में इंप्लीमेंट करने के लिए कदम उठाने की तैयारी की जा रही है. नगर निगम प्रशासन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि अगर किसी भी ऐसी दुकान जहां पान मसाला-सिगरेट इत्यादि की बिक्री होती है, तो ऐसे दुकानदार को हर हाल में नगर निगम से लाइसेंस लेना होगा. इसके साथ ही वह अपनी दुकान में चिप्स-टॉफी या बिस्कुट इत्यादि की बिक्री नहीं कर सकेगा. अगर दुकानदार लाइसेंस नहीं लेता है तो उस पर जुर्माना लगाए जाने के साथ ही एफआईआर तक दर्ज कराई जाएगी.

गली-गली खुली हैं दुकानें
शहर की अधिकांश गलियों में जगह-जगह खुली पान मसाला और सिगरेट की दुकानों के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है. अब इन दुकानदारों को निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा. लाइसेंस के साथ-साथ तंबाकू की बिक्री के लिए वार्डो में दुकानों की संख्या भी तय की जाएगी. निगम की ओर से लाइसेंस दिए जाने के एवज में शुल्क भी लिया जाएगा. हालांकि अभी शुल्क की दरें निर्धारित नहीं हुई है.

कोटपा एक्ट-2003
उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत ये भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी सामग्री बेचने वाले कोटपा एक्ट 2003, खाद्य संरक्षण अधिनियम 2006 और बाल विकास मंत्रालय का किशोर न्याय अधिनियम 2015 का उल्लंघन न करें.

आपत्तियां की गईं दूर
निगम प्रशासन की ओर से इस दिशा में आपत्तियां कॉल की गई थीं. निगम प्रशासन के अधिकारियों की मानें तो सारी आपत्तियों को दूर कर लिया गया है. इसके बाद कोटपा एक्ट को लागू करने के संबंध में सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. प्रयास यही किया जा रहा है कि एक माह के अंदर लाइसेंस देने का काम शुरू कर दिया जाए.

पांच से दस हजार जुर्माना
निगम प्रशासन की ओर से लाइसेंस न लेने वाले दुकानदारों के खिलाफ जुर्माने का भी प्राविधान किया गया है. जानकारी के अनुसार, जो दुकानदार लाइसेंस नहीं लेगा, उस पर पांच से दस हजार जुर्माना लगाया जाएगा. अगर इसके बाद भी दुकानदार लाइसेंस नहीं लेता है तो उसके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी.

तंबाकू उत्पाद की बिक्री करने वालों को नगर निगम से लाइसेंस लेना होगा. जो लाइसेंस नहीं लेगा, उस पर जुर्माना लगाए जाने के साथ ही एफआईआर भी कराई जाएगी.
- पंकज भूषण, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम