-रेलवे टै्रक मेंटनेंस में लगे ऑफिसर्स व कर्मचारियों को जीपीएस से कर रहा लैस

-हेड क्वार्टर से मेंटनेंस और कर्मियों की होगी निगरानी

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VARANASI

रेल ट्रैक पर एक्सिडेंट रोकने लिए रेलवे ने खास इंतजाम किया है. इसके तहत इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों को जीपीएस ट्रैकर दिया जा रहा है. यह ट्रैकर रेल ट्रैक की कमियों और उनको मेंटेन करने की निगरानी करेगा. किस गैंग की ड्यूटी कहां पर मेंटनेंस कार्य कर रही है, उसकी भी जानकारी हेड क्वार्टर में बैठे ऑफिसर्स को मिल जाएगी. इससे घालमेल आसान नहीं होगा.

पल-पल की जानकारी

ट्रैक के मेंटनेंस में कई बार लापरवाही सामने आती रही है. ड्यूटी लगने के बाद भी ट्रैक का प्रॉपर मेंटनेंस नहीं होना पाया है. इस पर लगाम लगाने के लिए रेलवे ने टेक्नोलॉजी का उपयोग शुरू किया है. इससे टै्रक मेंटनेस की निगरानी की जा रही है. रेलवे ऑफिसर्स के मुताबिक कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें पीडब्ल्यूआई एवं इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के अधिकारी खुद न जाकर सिर्फ गैंगमैन को भेजकर ट्रैक मेंटनेंस कराते थे. ऑफिसर्स के मौके पर न जाने के कारण गैंगमैन भी लापरवाही करने से बाज नहीं आते थे. इससे हादसे का डर हमेशा बना रहता है.

सबकी निगरानी

हादसे को समय रहते रोका जा सके इसके लिए रेलवे बोर्ड ने जीपीएस ट्रैकर सिस्टम की व्यवस्था की है. जीपीएस ट्रैकर ट्रैकमैन-कीमैन और इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के ऑफिसर्स व कर्मचारियों के पास होगा. जिस कर्मचारी की जहां ड्यूटी लगेगी. उसके पास यह सिस्टम काम करेगा. इसे यह पता चल जाएगा कितना काम हुआ. कहां, क्या काम कराया गया. वर्तमान में कर्मचारी की ड्यूटी कहां पर है. इंजीनियरिंग विभाग के ऑफिसर्स का कहना है कि जीपीएस ट्रैकर के माध्यम से ट्रैक मेंटनेंस और टेक्निकल निगरानी करने वाले कर्मचारी व अधिकारी लापरवाही नहीं कर सकेंगे. यदि कहीं पर ट्रैक टूटा हुआ है तो भी जीपीएस ट्रैकर से इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर हो जाएगी.

वर्जन---

ट्रैक का प्रॉपर मेंटनेंस करने के लिए ऑफिसर्स व कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी जाती है. उनपर नजर रखने के लिए डिपार्टमेंट ने उन्हें जीपीएस से लैस करने का प्लान बनाया है.

संजय त्रिपाठी, डीआरएम

लखनऊ डिवीजन