नयी दिल्ली (पीटीआई)। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण TRAI ने शनिवार को सिफारिश की कि कस्टमर्स को दी जाने वाली सभी डीटीएच और केबल सेट-टॉप-बॉक्स (एसटीबी) को इंटरऑपरेबिलिटी का सपोर्ट करना चाहिए और सूचना और प्रसारण मंत्रालय से रिक्वेस्टिंग प्रोविजन की शुरूआत करके उसके जरिए इसे मैनडेटरी बनाने का अनुरोध किया।

एक ही प्रोवाइडर के साथ जुड़े रहने की मजबूरी

इंटरऑपरेबल सेट-टॉप बॉक्स यूजर्स को अपने डीटीएच ऑपरेटर को बदलने का मौका देगा वो भी नया सेट-टॉप बॉक्स खरीदे बिना। फिलहाल केबल टीवी नेटवर्क में ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं है। एक ही एसटीबी को डिफरेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ उनको बदले बिना यूज नहीं किया जा सकता है। यानि ना पसंद होने या अन्य किसी भी परेशानी के चलते भी कस्टमर को एक ही सर्विस प्रोवाइडर से जुड़े रहना पड़ता है।

कॉमन इंटरफेस की सिफारिश

इसके साथ ही ट्राई ने भारत में सभी डिजिटल टेलीविज़न सेटों के लिए यूएसबी पोर्ट-आधारित कॉमन इंटरफ़ेस के अनिवार्य प्रावधान की भी सिफारिश की है। ट्राई का कहना है कि भारत में सभी सेट-टॉप-बॉक्स को तकनीकी अंतर को समर्थन देना चाहिए, यानी कि उपभोक्ता को प्रदान किया जाने वाला हर एसटीबी इंटरऑपरेबल होना चाहिए। ट्राई ने इन्फॉरमेशन और ब्रॉडकास्टिंग मंत्रालय को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, ट्राई, भारतीय मानक ब्यूरो के सदस्यों और टीवी निर्माताओं के प्रतिनिधियों की एक समन्वय समिति बनाने के लिए सजेस्ट किया है।टेलीकॉम अथॉरिटी का कहना है कि यह समिति डीटीएच और केबल टीवी सेगमेंट दोनों के लिए संशोधित एसटीबी मानकों को लागू कर सकती है।

विकास में बाधा

ट्राई ने कहा कि अलग-अलग सेवा प्रदाताओं के बीच एसटीबी की कमी न केवल ग्राहक से अपने सर्विस प्रोवाइडर को बदलने की आजादी छीनती है नई टेक्नलॉजी की समझ, सर्विस क्वालिटी में इंप्रूवमेंट और ओवरऑल सेक्टर में ग्रोथ के होने में बाधा पैदा करती है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय रजिस्ट्रेशन या केबल टेलीविजन नेटवर्क रूल्स में इस नियम को लागू करने के लिए कोई नया क्लॉज या कंडीशन शामिल कर सकता है, जो सभी डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटरों जिसमें डीटीएच के साथ-साथ मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर्स को अनिवार्य रूप से इंटरऑपरेबल के माध्यम से सेवा की सुविधा प्रदान करने के लिए अनिवार्य कर दे। अभी एसटीबी या तो डीपीओ से दिेए गए या खुले बाजार से कन्ज्यूमर्स ने खरीदे हैं।

जरूरी हैं संशोधन

ट्राई ने कहा कि एमआईबी, बीआईएस के साथ मिलकर एसटीबी के लिए निर्दिष्ट मानकों में उपयुक्त संशोधन करना चाहिए। इसके लिए डीटीएच और एमएसओ प्लेयर्स को ईटीएसआई मानकों यानि यूरोपियन टेलीकॉम स्टैंडर्ड्स इंस्टीट्यूट के हिसाब से डीवीबी सीआई + 2.0 मानकों (यूएसबी कैंप के साथ) को अपनाने के लिए छह महीने का समय दिया जाना चाहिए। ट्राई ने कहा कि ऐसे सारे रूल्स को टीवी निर्माताओं को सभी डिजिटल टेलीविजन सेट के लिए कम से कम एक ओपन इंटरफेस पोर्ट के साथ डीवीबी सीआई प्लस 2.0 मानकों पर बेस्ड होना चाहिए, जो कि यूएसबी सिग्नल के सरल कनेक्शन की अनुमति दे और टेलीविजन संकेतों के रिसेप्शन की परमीशन देता है।इसके लिए उन्हें सैटेलाइट और केबल प्लेटफॉर्म दोनों के जरिए से टेलीविजन मैटेरियल के रिसेप्शन के लिए रेडी करने के लिए टनल में बने डिजिटल टेलीविजन सेट अवेलेबल कराने चाहिए।

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