JAMSHEDPUR: टाटा स्टील में कंपनी के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीइओ) सह प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन और चीफ फायनेंशियल ऑफिसर कौशिक चटर्जी के वेतन में बढ़ोतरी हुई है. कंपनी प्रबंधन ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज सहित शेयर धारकों को वित्तीय वर्ष 2019 को भेजी गई वित्तीय रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है.

देश में सबसे बड़े स्टील उत्पादक कंपनी के सीइओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन को बीते वित्तीय वर्ष में 942.94 लाख रुपये सालाना वेतन मिला था. इसमें 120 लाख रुपये बेसिक वेतन, परक्यूजिट एलाउंस के रूप में 172.94 लाख, 650 लाख रुपये कमीशन शामिल है. जबकि कौशिक चटर्जी को 111.60 लाख रुपये बेसिक, 202.20 लाख रुपये परक्यूजिट एलाउंस, 313.80 व 600 लाख रुपये कमीशन मिलाकर कुल 913.80 लाख रुपये का सालाना वेतन मिला था. जबकि वित्तीय वर्ष 2019 की रिपोर्ट के अनुसार दोनो अधिकारियों के वेतन में भारी बढ़ोतरी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार टीवी नरेंद्रन के ग्रास वेतन अब 201.53 लाख रुपये, परक्यूजिट एलाउंस के रूप में 103.76 लाख रुपये जबकि कमीशन के रूप में 800 लाख रुपये मिलेंगे. जबकि अन्य बेनीफिट के रूप में 17.34 लाख रुपये कंपनी की ओर से दिए जाएंगे. ऐसे में उनका कुल सालाना वतन 1122.63 लाख रुपये दिए जाएंगे. वहीं, कौशिक चटर्जी को 187.24 लाख रुपये ग्रास वेतन, 153.64 लाख रुपये परक्यूजिट एलाउंस, 725 लाख रुपये कमीशन व अन्य मदों में 16.26 लाख रुपये सहित 1082.14 लाख रुपये वेतन मिलेंगे. वहीं, टाटा स्टील ने अपने सभी स्वतंत्र निदेशकों के वेतन में भी बढ़ोतरी की है. कई निदेशकों के वेतन में सालाना दस लाख रुपये से अधिक की बढ़ोतरी की गई है.

वेतन नहीं लेते चंद्रशेखरन

टाटा समूह के चेयरमैन एन चंद्रशेखन ने वित्तीय वर्ष 2018 की तरह 2019 में भी एक भी रुपये वेतन के तौर पर नहीं लिया है. दोनो वित्तीय वर्ष में चंद्रशेखरन ने सीटिंग फीस के रूप में सालाना 4.80 लाख रुपये ही टाटा स्टील से लिए हैं.

कमिंस की ग्रेड वार्ता में निबंधन का मुद्दा

टाटा कमिंस प्रबंधन और यूनियन के बीच सोमवार को ग्रेड रिवीजन वार्ता हुई. कंपनी के बोर्ड रूम में दिन के साढ़े तीन बजे वार्ड रजिस्ट्रेशन से शुरू हुई, लेकिन वार्ता का रुख कंपनी में उत्पादन में कमी, लागत व गुणवत्ता-उत्पादकता की तरफ चला गया. यूनियन नेता रामाकांत करूआ ने वार्ता में वार्ड रजिस्ट्रेशन पर बातचीत पहले करने की मांग रखी. हालांकि सोमवार को भी प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्ड रजिस्ट्रेशन पर कोई फैसला नहीं हो सका. अब बुधवार को वार्ता होने की संभावना है. टाटा कमिंस कर्मचारियों का ग्रेड रिवीजन एक अप्रैल 2019 से लंबित है. वार्ता में प्रबंधन की ओर से प्लांट हेड मनीष झा, एचआर हेड दीप्ति महेश्वरी सहित स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य मौजूद थे.