स्टूडेंट बन आतंकी बनाने की खोली थी नर्सरी, कश्मीर के कुलगाम और पुलवामा के है निवासी

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LUCKNOW :
इस्लामिक कट्टरपंथियों और फतवों को लेकर कई बार विवादों के घेरे में आए सहारनपुर के देवबंद में देर रात पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के दो आतंकियों की गिरफ्तारी ने खुफिया एजेंसियों के होश उड़ा दिये. यूपी एटीएस की गिरफ्त में आए दोनों आतंकी शाहनवाज तेली और आकिब अहमद मलिक जम्मू कश्मीर के कुलगाम और पुलवामा के रहने वाले हैं. उनके आकाओं ने दोनों को जैश के लिए पश्चिमी यूपी में आतंकियों की नर्सरी खोलने का जिम्मा सौंपा था. दोनों बिना एडमिशन देवबंद में मुस्लिम युवाओं को जेहादी बनाने में जुटे थे. देर रात एटीएस के ऑपरेशन में दोनों को दबोचे जाने के बाद डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि पुलवामा हमले में दोनों आतंकियों की भूमिका की जांच भी की जाएगी.


स्टूडेंट ने दिया सुराग

खास बात यह है कि देवबंद में स्टूडेंट्स के हुजूम के बीच दोनों आतंकियों को अपनी पनाहगाह बनाने और स्थानीय पुलिस से बचने में तो सफलता मिल गयी पर वे एक जागरूक स्टूडेंट और एटीएस के सर्विलांस की नजरों से नहीं बच पाए. पुलवामा हमले के बाद यूपी में आतंकियों के स्लीपर मॉड्यूल्स पर लगातार निगहबानी कर रही यूपी एटीएस को देवबंद के ही एक स्टूडेंट ने बताया कि ये दोनों बिना एडमिशन स्टूडेंट बनकर जैश ए मोहम्मद के लिए आतंकियों की भर्ती कर रहे हैं. इसके बाद एटीएस ने जम्मू कश्मीर पुलिस से संपर्क साधा और सर्विलांस से नजर रखनी शुरू कर दी. डीजीपी ओपी सिंह ने आईजी एटीएस असीम अरुण को इस ऑपरेशन को लीड करने सहारनपुर भेजा. मौके पर मौजूद एटीएस की टीम दोनों आतंकियों को आंखों से ओझल नहीं होने दे रही थी और सही मौका मिलते ही उनको दबोच लिया गया. दोनों से गहन पूछताछ में कुछ ऐसे अहम राज पता चले जिससे पुलवामा आतंकी हमले में उनकी भूमिका को लेकर शक गहराने लगा. इसके अलावा सात अन्य युवकों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी पर उनके खिलाफ कोई ठोस सुबूत न मिलने पर छोड़ दिया गया.

 

भर्तियों का था जिम्मा

एटीएस को मिली इस बड़ी सफलता के बाद शुक्रवार दोपहर डीजीपी ओपी सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि शाहनवाज जैश ए मोहम्मद में वेस्ट यूपी में आतंकियों की भर्तियां कर रहा था. वह खुद को स्टूडेंट बताकर बाकियों को जेहादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाता था. वहीं आकिब भी जैश के लिए युवाओं को रिक्रूट करने के लिए भेजा गया था. शाहनवाज को ग्रेनेड का एक्सपर्ट भी माना जाता है और कश्मीर पुलिस से उसके बारे में अतिरिक्त जानकारियां जुटाई जा रही हैं. यह भी पता लगाया जा रहा है कि दोनों कश्मीर से यहां कब आए थे और उनके कौन-कौन से साथी इसमें शामिल हैं. डीजीपी ने बताया कि दोनों आतंकियों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है. इसके लिए स्थानीय अदालत ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर ली है.

 

डेढ़ साल से देवबंद में था शाहनवाज

सूत्रों की मानें मो. शाहनवाज सितंबर 2017 से देवबंद में अपनी जड़ें जमा रहा था. वहीं आकिब पिछले साल ईद के बाद आया था. दोनों देवबंद के दारुल उलूम के पास ही कमरा लेकर रहते थे और खुद को वहीं का स्टूडेंट बताते थे. शाहनवाज स्थानीय युवकों को ग्रेनेड को किस तरह इस्तेमाल किया जाता है, इसकी जानकारी देता था. कश्मीर पुलिस के मुताबिक शाहनवाज जैश का ओवर ग्राउंड वर्कर है.

 

वीडियो दिखाकर करते थे भर्तियां

सूत्रों की मानें तो दोनों आतंकी देवबंद के स्टूडेंट्स को जेहादी साहित्य, ट्रेनिंग, कश्मीर से जुड़े तमाम वीडियो दिखाकर आतंकी बनने के लिए प्रेरित करते थे. उनके मोबाइल में जमात उल दावा के सरगना हाफिज सईद, जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के तमाम ऑडियो और वीडियो मिले हैं जिनमें वे युवाओं को आतंकी बनने के लिए भड़काऊ भाषण दे रहे है.

 

एनआईए भी करेगी पूछताछ

एटीएस की गिरफ्त में आए जैश के दोनों आतंकियों से एनआईए भी पूछताछ करेगी. यूपी एटीएस द्वारा दोनों को राजधानी की अदालत में पेश किया जाएगा जहां पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाएगी. इस दौरान एनआईए के अधिकारी भी उनसे पुलवामा अटैक और कश्मीर से लेकर देवबंद तक जैश के नेटवर्क के बारे में सवाल करेंगे.


ये पूछताछ होनी बाकी

- कितने लोगों को जैश में भर्ती कराने में सफल हुए थे

- इनके पास पैसा कहां से आया, टेरर फंडिंग किसने की

- आतंकी भर्ती के बाद उनके टारगेट कौन और कहां थे

- देवबंद में उनके लिए खाद-पानी का इंतजाम किसने किया

- पुलवामा आतंकी हमले में दोनों की क्या भूमिका थी

 

बरामदगी

दो पिस्टल, 30 कारतूस, दोनों के मोबाइल पर जेहादी चैट, वीडियो, फोटो आदि.


यूपी में ये आतंकी संगठन सक्रिय

लश्कर-ए-तैय्यबा, आईएसआईएस, जैश ए मोहम्मद, अंसारुल्ला बांग्ला टीम, बब्बर खालसा के अलावा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई.

 

जैश ए मोहम्मद में वेस्ट यूपी में शाहनवाज आतंकियों की भर्तियां कर रहा था. वह खुद को स्टूडेंट बताकर बाकियों को जेहादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाता था. वहीं आकिब भी जैश के लिए युवाओं को रिक्रूट करने के लिए भेजा गया था.

ओपी सिंह, डीजीपी

 

अरेस्ट हुए आतंकी और उनके संगठन

आतंकी संगठन 2016 2017 2018

आईएसआईएस 4 7 1

लश्कर-ए-तैय्यबा - 1 -

जमातुल मुजा. बांग्लादेश - - 3

अंसारुल्ला बांग्ला टीम - 1 4

बब्बर खालसा - 4 4

टेरर फंडिंग - - 11

आईएसआई 1 3 3

नक्सल - 6