नई दिल्ली (पीटीआई)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में व्यापक रूप से निवेश करेगी और कृषि क्षेत्र में मूल्य वद्घि के लिए प्राइवेट इंटरप्योनोरशिप का समर्थन करेगी। Union Budget 2019-20 पेश करते हुए, सीतारमण ने कहा कि सरकार मत्स्य पालन क्षेत्र में क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक करने के लिए प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना का प्रस्ताव ला रही है। अपने भाषण में वित्तमंत्री ने ये भी कहा कि प्रधान ग्राम के तहत 80,250 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तीसरे फेज में सड़क योजना के अंतर्गत 1,25,000 किलोमीटर सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा।

ग्रीन कंस्ट्रक्शन मैटीरियल पर जोर
अपने दूसरे कार्यकाल में मोदी सरकार के पहले बजट में, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 30,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया था, जिसमें प्लास्टिक कचरे सहित ग्रीन कंस्ट्रक्शन सामग्री का उपयोग किया गया था। साथ ही 97 प्रतिशत आवासीय क्षेत्रों के लिए सभी मौसम में सड़क कनेक्टिविटी प्रदान की गई।

ग्रामीण क्षत्रों में विकास
सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में 1.95 करोड़ घर बनाने का भी प्रस्ताव किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि 50,000 कारीगरों को इकोनॉमिक वैल्यु चेन में आने के लिए सक्षम बनाने हेतु 2019-20 में 100 नए क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार हर कार्यक्रम में गांव, गरीब और किसानों को केंद्र में रखती है, इसलिए कनेक्शन लेने के अनइच्छुक लोगों को छोड़कर, हर ग्रामीण परिवार के पास 2022 तक बिजली और एलपीजी कनेक्शन होगा। सीतारमण ने कहा कि मुफ्त एलपीजी योजना और बिजली कनेक्शन ने ग्रामीण भारत के चेहरे को बदल दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएमएवाई के तहत 2015-16 में घरों के निर्माण को पूरा करने में लगने वाला समय 114 दिनों से घट कर 314 दिन हो गया है, ऐसा डीबीटी प्लेटफॉर्म तकनीक के उपयोग के कारण संभव हो सका है।

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