अमरीका का आरोप है कि अमरीका में सऊदी अरब के राजदूत को मारने की योजना के पीछे ईरान का ही हाथ है. इस मामले में अमरीका ने दो ईरानी लोगों को गिरफ्तार किया है. अमरीका का कहना है कि यह योजना ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कार्प्स ने बनाई थी.

ब्रिटेन ने इस योजना को हतप्रभ कर देने वाला करार दिया है और कहा है कि वो अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने के अमरीकी क़दमों का समर्थन करेगा. ईरान ने अमरीकी आरोपों को आधारहीन और ग़लत बताया है. अमरीका ने अंतरराष्ट्रीय दबाव की बात कही है लेकिन अधिकारियों ने किसी सैन्य कार्रवाई से इंकार किया है.

अटार्नी जनरल एरिक होल्डर का कहना था, ‘‘ शिकायत में साफ आरोप लगाया गया है कि यह षडयंत्र ईरान में रचा गया. इसके लिए पैसा और निर्देश ईरान से मिला और ये अमरीकी एवं अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन है.’’

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिटंन ने कहा कि अमरीका अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से बात करेगा ताकि ईरान को इस षडयंत्र के लिए कड़ा संदेश दिया जा सके.

उनका कहना था, ‘‘ हमारी क़ानून एजेंसियों और गुप्तचर विभाग के लिए ये बड़ी उपलब्धि है. हम दुनिया भर में अपने मित्रों और सहयोगियों से बात करेंगे कि हम ईरान को ऐसी कार्रवाई के लिए कैसे कड़ा संदेश दे सकते हैं क्योंकि ये कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन करती है.’’

ईरान पहले ही कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है और अमरीका ने कहा है कि वो ईरान के ख़िलाफ़ और प्रतिबंधों पर विचार कर रहा है.

अमरीका के वित्त विभाग ने पाँच ईरानियों पर प्रतिबंध लगाया है जिसमें से दो के ख़िलाफ़ आरोप भी तय किए गए हैं. इन दोनों के नाम मंसूर अरबाबसियार और गुलाम शकूरी हैं.

अरबाबसियार 56 वर्षीय अमरीकी नागरिक हैं जिनके पास अमरीका और ईरान के पासपोर्ट हैं जबकि शकूरी ईरान में हैं और बताया जाता है कि वो ईरान की कुद्स फोर्स के सदस्य हैं.

अटार्नी जनरल एरिक होल्डर के अनुसार अरबाबसियार को 29 सितंबर के दिन न्यूयॉर्क के एयरपोर्ट से गिरफ़्तार किया गया था और उन्होंने अपना अपराध कबूल कर लिया है.

अमरीकी अधिकारियों के अनुसार अरबाबसियार ने 24 मई को अमरीका की ड्रग इनफोर्समेंट एजेंसी के एक गुप्तचर से संपर्क किया जो मेक्सिको के ड्र्ग्स माफिया के सदस्य के रुप में काम कर रहा था.

अधिकारियों के अनुसार इसके बाद कई बैठकों में पता चला कि ईरान सरकार से जुड़े कुछ लोग अमरीका में सऊदी अरब के राजदूत अब्दल अल जुबैर की हत्या के लिए क़रीब डेढ़ मिलियन डॉलर की राशि दे रहे है.

न्याय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच से पता चलता है कि यह हमला सऊदी दूतावास पर होना था. हालांकि अमरीकी अधिकारियों द्वारा गुप्त रुप से की गई रिकार्डिंग के अनुसार अरबाबसियार कथित रुप से सऊदी राजदूत को उनके प्रिय रेस्तरां में मारने की योजना पर भी विचार कर रहे थे.

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