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LUCKNOW : देवरिया जेल में लखनऊ के कारोबारी को बंधक बनाकर मारपीट करने और उसकी कंपनियों को अपने नाम कराने के मामले में सीबीआई ने बुधवार को माफिया अतीक अहमद के प्रयागराज और लखनऊ स्थित छह ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान तमाम संदिग्ध दस्तावेज सीबीआई के हाथ लगे हैं जो इस केस का खुलासा करने में मददगार साबित हो सकते हैं। प्रयागराज में अतीक के ऑफिस, आवास के साथ ससुराल और दूसरे आरोपी फारुख के घर में सीबीआई ने छापे मारे तो लखनऊ में चार्टर्ड अकाउंटेंट के दफ्तर और अकाउंटेंट के आवास को खंगाला है। सीबीआई ने अतीक के घर से 10 लाख रुपये कैश के अलावा तमाम संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए है जिनकी पड़ताल की जा रही है। देर रात तक प्रयागराज स्थित अतीक के ठिकानों पर छापेमारी जारी थी।

भारी फोर्स के साथ मारे छापे
देवरिया जेल में हुई इस घटना की एफआईआर सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विगत 12 जून को दर्ज की थी। दरअसल लखनऊ के कारोबारी मोहित जायसवाल ने राजधानी की कृष्णानगर कोतवाली में विगत 28 दिसंबर को मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि बीते दो साल से अतीक और उसके गुर्गे उस पर धन उगाही का दबाव बना रहे थे। विगत 26 दिसंबर को अतीक का एक गुर्गा उनको जबरन फाच्र्यूनर गाड़ी से देवरिया जेल ले गया जहां पहले से अतीक, उनका पुत्र उमर और 10-12 गुर्गे मौजूद थे। उसमें से जफरउल्ला उर्फ गुलाम सरवर ने उसको जेल में बुरी तरह मारा-पीटा जिससे उसे तमाम गंभीर चोटें आईं। इसके बाद अतीक अहमद के द्वारा मेरी कंपनी एमजे इंफ्रा हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा लैंड एलएलपी व एमजे इंफ्रा स्टेट प्राइवेट लिमिटेड को फारुख और जकी ने जबरन अपने नाम ट्रांसफर करवा लिया। साथ ही उसकी फॉच्र्यूनर गाड़ी भी छीनकर वहीं खड़ी कर ली। मोहित ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई जिसके बाद कोर्ट ने विगत 23 अप्रैल को सीबीआई को इसकी जांच करने के आदेश दिया था।

अकाउंटेंट ने रची थी साजिश
सीबीआई की टीम ने बुधवार को प्रयागराज के अलावा लखनऊ में अतीक के करीबी चार्टर्ड अकाउंटेंट और अकाउंटेंट के ठिकानों को भी खंगाला और इस मामले से जुड़े कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। इंदिरानगर स्थित मुंशी पुलिया निवासी अकाउंटेंट पवन कुमार सिंह के आवास को सीबीआई ने खंगाला। सीबीआई की जांच में सामने आया है कि पवन कुमार सिंह ने ही मोहित जायसवाल को फंसाने और उसकी कंपनियों को अतीक के करीबियों के नाम कराने में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं महानगर स्थित सचिन अग्रवाल एवं गुप्ता चार्टर्ड अकाउंटेंट के दफ्तर पहुंची सीबीआई की टीम ने मोहित जायसवाल की कंपनियों को ट्रांसफर किए जाने के बारे में पूछताछ की और इससे संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए है।

सीबीआई ने तोड़ा गुरूर
पूर्व सांसद एवं माफिया अतीक अहमद का गुरूर पहली बार सीबीआई ने तोड़ दिया। प्रयागराज स्थित अतीक के ठिकानों पर सीबीआई ने भारी पुलिस बल के साथ छापा मारा तो किसी की भी विरोध करने की हिम्मत नहीं हुई। सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच के एसपी एसके खरे के निर्देशन में सीबीआई की टीमों ने अतीक और उसके सहयोगियों के ठिकानों का चप्पा-चप्पा छाना और हर संदिग्ध वस्तु को अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान किसी को भी आने-जाने की इजाजत नहीं दी गयी।

फैक्ट मीटर
- 7 बजे सुबह अतीक के प्रयागराज के ठिकानों पर सीबीआई का छापा
- 10 बजे लखनऊ स्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट और अकाउंटेंट के यहां छापा
- 10 लाख रुपये कैश बरामद किए गये अतीक के प्रयागराज स्थित घर से
- 26 दिसंबर को देवरिया जेल में कारोबारी को बंधक बनाकर मारपीट की
- 28 दिसंबर को अतीक के खिलाफ कृष्णानगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज
- 23 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने अतीक के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा
- 02 जून को अतीक को गुजरात की अहमदाबाद जेल में किया गया ट्रांसफर

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