लखनऊ (ब्यूरो)। आशंका जताई जा रही है कि यह रकम कांग्रेस नेता को उपकृत करने के लिए दी गयी थी। हालांकि दस्तावेजों में यह गायत्री की कंपनी एमजी कॉलोनाइजर्स से प्रॉपर्टी खरीदना दर्शाया गया है। प्रदेश कांग्रेस में कई अहम पदों पर रहे इस नेता के समधी राजधानी के मशहूर बिजनेसमैन में शुमार किए जाते हैं।

प्रॉपर्टी की कीमत का लगा रहे पता

जांच में सामने आया है कि एमजी कॉलोनाइजर्स के जरिए जिस प्रॉपर्टी को खरीदने का दावा किया गया, वह राजधानी के ग्रामीण इलाके में है। जिससे अफसर इस मामले को शक की नजर से देख रहे है। ईडी के अधिकारियों ने गायत्री से बेची गयी प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज भी तलब किए हैं ताकि उनका भौतिक सत्यापन करने के साथ उसकी वास्तविक कीमत भी पता लगाई जा सके। दूसरी ओर ईडी के अफसरों को गोमतीनगर निवासी विकास नामक युवक की भी तलाश है, जिसे एमजी कॉलोनाइजर्स के अकाउंट से खासी धनराशि ट्रांसफर की गयी है। यह रकम किस उद्देश्य से दी गयी, इसकी जांच जारी है।

नहीं पेश हुए आईएएस डीएस उपाध्याय

हमीरपुर खनन घोटाले में गायत्री के दोनों पुत्र पूछताछ के लिए तलब किए जाने के बाद भी पेश नहीं हो रहे हैं। इस फेहरिस्त में आईएएस डीएस उपाध्याय का नाम भी जुड़ गया है। डीएस उपाध्याय को ईडी ने दो सितंबर को तलब किया था पर वे नहीं आए। अब गायत्री के दोनों पुत्रों के अलावा डीएस उपाध्याय को दोबारा समन भेजे जाने की कवायद हो रही है।

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जीवेश को छोड़ बाकी को नोटिस

फतेहपुर खनन घोटाले में ईडी ने सीनियर आईएएस जीवेश नंदन को छोड़ बाकी आरोपितों को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। बुलंदशहर के डीएम रहे अभय, देवरिया के तत्कालीन डीएम विवेक और खनन विभाग में तत्कालीन विशेष सचिव रहे संतोष कुमार राय को नोटिस भेजा गया है। इन सभी को सितंबर में ही अलग-अलग तारीखों में पेश होने को कहा गया है।

फैक्ट फाइल

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Posted By: Shweta Mishra

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