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LUCKNOW : यूपी पुलिस के भी खेल निराले हैं। अव्वल तो कोई अपराधी पकडऩे में पसीने छूट जाते हैं, अगर किसी दूसरे राज्य की पुलिस कोई अपराधी दबोच भी ले तो यूपी पुलिस उसे खुली हवा में सांस लेने का भरपूर इंतजाम कर देती है। कुछ ऐसा ही वाक्या हुआ बलरामपुर जिले में, जहां 50 लाख की ठगी के आरोपी को झारखंड पुलिस ने अरेस्ट किया। साथ ले जाने के लिये ट्रांजिट रिमांड जरूरी थी, लिहाजा आरोपी को तुलसीपुर पुलिस की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया। पर, झारखंड पुलिस जब तक ट्रांजिट रिमांड ले पाती, इससे पहले ही उसे इंस्पेक्टर तुलसीपुर ने रिहा कर दिया। इस हरकत से हैरान झारखंड के डीजीपी ने प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह से पूरे मामले की शिकायत की। डीजीपी सिंह ने मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

कोयला ढुलाई का लिया था कॉन्ट्रैक्ट
झारखंड के हजारीबाग स्थित नेशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन के लिये काम करने वाली त्रिवेणी सैनिक कंपनी से कोयला ढुलाई का काम आसनसोन के व्यवसायी राजीव बनर्जी ने लिया था। काम लेने के बाद राजीव ने कोयले की ढुलाई के लिये हाइवा व जेसीबी की तलाश शुरू की। इसी दौरान राजीव की मुलाकात स्थानीय निवासी मुरारी साव नाम के शख्स से हुई। मुरारी ने उन्हें बताया कि बोकारो निवासी मो। रहमान उर्फ आरिफ के पास उनकी जरूरत के मुताबिक हाइवा व जेसीबी मौजूद हैं। जिसके बाद मुरारी ने राजीव को मो। रहमान से मिलवाया। वह काम करने को राजी हो गया। ढुलाई के लिये 50 लाख रुपये का करार हुआ। उसने 25 लाख रुपये एडवांस के तौर पर ले लिये और काम शुरू कर दिया। एक-दो दिन तक ढुलाई करने के
बाद उसने तीन बार में बकाया 25 लाख रुपये भी राजीव से वसूल लिये और काम बंद कर फरार हो गया था। जिसके बाद राजीव बनर्जी ने हजारीबाग के बड़का गांव थाने में मो। रहमान के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी।

भनक लगते ही पहुंची टीम
बताया जा रहा है कि बड़का गांव पुलिस ने मो। रहमान की तलाश में बोकारो में छापेमारी की लेकिन, उसका कोई सुराग नहीं लग सका। इसी बीच सर्विलांस की मदद से बड़का गांव पुलिस को भनक लगी कि आरोपी मो। रहमान यूपी के बलरामपुर स्थित तुलसीपुर इलाके में मौजूद है। जानकारी मिलते ही बीते सोमवार को पुलिस टीम आनन-फानन बलरामपुर पहुंची और आरोपी मो। रहमान को दबोच लिया। पर, उसे झारखंड ले जाने के लिये पुलिस टीम को कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड की जरूरत थी, लिहाजा रहमान को स्थानीय तुलसीपुर थाने के दारोगा धनंजय सिंह के सुपुर्द कर दिया गया। दारोगा धनंजय ने रहमान को तुलसीपुर थाने में दाखिल कर दिया।

इंस्पेक्टर बोले, लौट आएगा
मंगलवार को ट्रांजिट रिमांड के लिये कोर्ट में पेश करने को बड़का गांव पुलिस टीम मो। रहमान को लेने के लिये तुलसीपुर थाने पहुंची। पर, रहमान थाने में मौजूद नहीं था। यह देख पुलिस टीम हैरत में पड़ गई। टीम में शामिल पुलिसकर्मियों ने पड़ताल की तो पता चला कि आरोपी मो। रहमान को इंस्पेक्टर तुलसीपुर शैलेंद्र त्रिपाठी ने सोमवार रात ही पर्सनल बॉन्ड पर रिहा कर दिया था। हलकान पुलिसकर्मी इंस्पेक्टर त्रिपाठी के पास पहुंचे तो उन्होंने बताया कि रहमान ने सुबह वापस लौटने को कहा था, अभी वह लौट आएगा। हैरान बड़का गांव की पुलिस टीम मंगलवार को पूरे दिन आरोपी मो। रहमान के थाने वापस लौटने का इंतजार करती रही लेकिन, वह वापस नहीं लौटा। आखिरकार निराश पुलिसकर्मियों ने इसकी शिकायत झारखंड में बैठे अपने अधिकारियों से की।

डीजीपी ने दिये जांच के आदेश

तुलसीपुर पुलिस की करतूत की जानकारी डीजीपी झारखंड को दी गई। जिसके बाद उन्होंने प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह से फोन पर बात की और तुलसीपुर पुलिस की इस हरकत पर एतराज जताया। बताया गया कि जानकारी मिलने पर डीजीपी सिंह ने डीजीपी झारखंड को सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद पूरे मामले की जांच सीओ तुलसीपुर को सौंप दी गई। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद इंस्पेक्टर शैलेंद्र त्रिपाठी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय कारोबारियों की सिफारिश पर छोड़ा

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी मो। रहमान उर्फ आरिफ के बलरामपुर स्थित कोयला कारोबारियों से करीबी संबंध हैं। रकम हड़पने के बाद वह तुलसीपुर में ऐसे ही एक कोयला कारोबारी के घर छिपा हुआ था। बताया जा रहा है कि अरेस्टिंग के बाद स्थानीय कोयला कारोबारियों ने इंस्पेक्टर शैलेंद्र त्रिपाठी से 'जुगाड़' लगाया और आरोपी मो। रहमान को पर्सनल बॉन्ड पर रिहा करा लिया।

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