वाशिंगटन (आईएएनएस)। अमेरिका ने बताया है कि अधिकारियों द्वारा खुफिया संकेत मिलने के बाद वह मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइलों की तैनाती कर रहा है। ख़ुफिया संकेत यह बताते हैं कि ईरान और उसके समर्थक अमेरिकी सेना और अन्य मित्र देशों की सेना पर हमला करने की योजना बना रहे हैं। सीएनएन ने शुक्रवार को बताया कि रक्षा मंत्री पैट्रिक शनहान ने इस तैनाती को मंजूरी दी है। पेंटागन ने एक बयान में शुक्रवार को कहा, 'रक्षा मंत्री ने इस सप्ताह के शुरू में सेना के यूएसएस आर्लिंगटन और पैट्रियट मिसाइल को मिडिल ईस्ट में तैनात करने के लिए मंजूरी दी है।' पेट्रियट, एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम हैं, जिन्हें कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों, एडवांस्ड विमानों और क्रूज मिसाइलों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।

ईरान बना रहा हमले की योजना

सीएनएन ने बताया है कि खुफिया जानकारी से पता चला है कि ईरान, अरब की खाड़ी में शॉर्ट रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल और नावों पर तैनात क्रूज मिसाइलों को दागने की योजना बना रहा है। अमेरिकी सेना का मानना ​​है कि क्रूज मिसाइलों को छोटी ईरानी नौकाओं से लॉन्च किया जा सकता है, जिन्हें धौंस के रूप में जाना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि वे नावें ईरानी नौसेना की नहीं बल्कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना की हैं। ईरान के लिए एक चेतावनी के रूप में मिडिल ईस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा तैनात किया जाने वाला वाहक 'अब्राहम लिंकन' गुरुवार को मिस्र के स्वेज नहर से गुजरे और फिलहाल लाल सागर के रास्ते आगे बढ़ते जा रहे हैं।

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ईरानी धमकी को गंभीरता से ले रहा अमेरिका

शुक्रवार को, एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि ईरानी खतरा अभी भी वास्तविक और विश्वसनीय है और हम इसे गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने सीएनएन को बताया कि द अर्लिंगटन और पैट्रियट मिसाइल की तैनाती सिर्फ रक्षा के लिए है। हालांकि, अधिकारी और पेंटागन ने यह खुलासा नहीं किया कि अतिरिक्त अमेरिकी मिसाइलों को कहां भेजा जाएगा लेकिन यह स्पष्ट किया कि इसे सेनाओं की रक्षा के लिए रखा जायेगा।

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