अमरीका में राष्ट्रपति की ओर से नियुक्त एक आयोग ने कहा है कि 1940 के दशक में ग्वाटेमाला में यौन संक्रमित रोगों के साथ शोध के क्रम में कम से कम 83 लोगों की मौत हुई. इन लोगों को जान-बूझकर सिफ़लिस और गोनोरिया से संक्रमित किया गया.

ये आयोग ग्वाटेमाला में अमरीकी वैज्ञानिकों के काम की जाँच कर रहा है. अमरीका ने इन शोधों के लिए ग्वाटेमाला से पिछले साल ही माफ़ी मांगी थी. इस शोध के क्रम में वैज्ञानिकों ने पेन्सिलिन ड्रग की जाँच के लिए वहाँ की अति संवेदनशील आबादी को जानबूझ कर संक्रमित किया.

मानवाधिकार

ये पता नहीं चल पाया है कि इस संक्रमण से सीधे तौर पर कितनी मौतें हुईं. ये शोध अमरीकी जन स्वास्थ्य सेवा की ओर से वर्ष 1946 और 1948 के बीच हुए. पेन्सिलिन के प्रभाव की जाँच के लिए अमरीकी वैज्ञानिकों ने ग्वाटेमाला के क़ैदियों, मानसिक रोगियों और अनाथों को संक्रमित किया. शोध के बारे में इन लोगों से कोई सहमति नहीं ली गई.

ये काम काफ़ी गोपनीय तरीक़े से हुआ. इस मामले की जाँच कर रहे आयोग के कुछ सदस्यों ने इसे मानवाधिकार का उल्लंघन बताया है. आयोग की पूरी रिपोर्ट सितंबर के शुरू में प्रकाशित होगी.

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