लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है अलग अलग तरह से कई स्तर की निगरानी पुलिस प्रशासन के द्वारा की जा रही है रही हैं। चुनाव के दौरान लोग सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफॉर्म्स पर विवादित पोस्ट कर देते हैं जिससे कानून व्यवस्था खराब होने का अंदेशा रहता है। कई बार पुलिस के पास सूचना आने से पहले पोस्ट वायरल हो जाती है। चुनाव के समय इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए डिजिटल वालिंंिटयर का साथ लिया जा रहा है।

--इस तरह की जा रही निगरानी।

शहर और अंचल के थानों को मिलाकर जिले भर में पुलिस ने लगभग 50 से अधिक ग्रुप बनाए हुए हैं इन ग्रुप में तकरीबन 4000 डिजिटल वालिंंिटयर जुड़े हैं इन ग्रुप पर थाना प्रभारी के अलावा स्थानीय स्तर के लोग के साथ एक सर्किल स्तर का अधिकारी भी रहता है। ग्रुप से जुड़े हुए लोग अलग अलग माध्यमों पर कई सारे ग्रुप और अलग अलग सोशल मीडिया पर जुड़े हुए हैं इन लोगों को कुछ भी गलत सामग्री किसी भी प्लेटफॉर्म पर मिलती है ये लोग अपने डिजिटल वालिंंिटयर वाले ग्रुप में पोस्ट कर देते हैं हाल ही में सभी थाना प्रभारियों ने इन डिजिटल वालिंंिटयर के साथ बैठक कर इनको चुनाव की अवधि में अधिक एक्टिव रहने को कहा है।

ये है कार्यवाई का प्रोसेस-

डिजिटल ग्रुप में कोई भी इस तरह का संदेश आता है तो डिजिटल वालिंंिटयर उसको संबंधित थाने के अपने ग्रुप में डाल देते हैं। वहां से पुलिस अधिकारी, संबंधित जोन का जो मीडिया सेल है, उसको भेज देते हैं। इसी बीच पुलिस इन पोस्ट का खंडन भी करती है। और फिर जिस प्रोफ़ाइल या यू.आर.एल से विवादित पोस्ट को किया जाता है। जिला स्तर की टीम इसको वेरीफाई करके मुकदमा पंजीकृत करती है और इसकी रिपोर्ट लखनऊ मुख्यालय भेज दी जाती है। वहां से प्लेटफार्म अकाउंट को बंद करने का प्रोसेस चालू हो जाता है,

केस एक-

थाना ट्रांसयमुना क्षेत्र में एक मारपीट का वीडियो गलत जानकारी के साथ कई ग्रुपों पर पोस्ट किया गया था। उनमें से किसी एक ग्रुप में पुलिस के डिजिटल वालिंंिटयर भी थे वहां से वीडियो स्थानीय थाने पर गया और पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया।


केस 2-

सदर थाना क्षेत्र का के एक व्यक्ति ने राम मंदिर को लेकर कई गलत टिप्पणी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर दीं। स्थानीय डिजिटल वालिंंिटयर ने थाना पुलिस को जानकारी दी तो मामले पर मुकदमा पंजीकृत कर पोस्ट डिलीट कर अकाउंट बंद करा दिया गया।

हमारी टीमें 24 घंटे सोशल मीडिया अकाउंट पर नजऱ रख रहीं हैं इसके अलावा जिले भर के डिजिटल वालिंंिटयर का बड़ा नेटवर्क हमारे पास हैं। ये अलग अलग ग्रुप में जुड़े रहते हैं। जिनके बारे में लोगों को पता ही नहीं इससे हम लगभग सारे ग्रुप से जुड़े होते हैं। कोई भी गलत पोस्ट होते ही हम पर सूचना आ जाती है।
प्रभात कुमार दीक्षित
मीडिया सेल प्रभारी.