20 स्टॉप का निर्माण कराया गया
शहर में 20 स्थानों पर सड़क किनारे बस स्टॉप का निर्माण कराया गया है। स्मार्ट सिटी को ध्यान में रखते हुए इन बस स्टॉप का लुक भी स्मार्ट है। इन बस स्टॉपेज का निर्माण शहर में दो प्रमुख रूट पर कराया गया है। इनमें फतेहाबाद और शहर की लाइफलाइन कहे जाने वाली एमजी रोड शामिल है। अधिकतर बस स्टॉप का निर्माण पूरा हो चुका है। वह पैसेंजर्स के लिए तैयार हैं। बावजूद इसके यहां पैसेंजर्स खड़े नहीं होते हैं।

चौराहों पर रुकती हैं बसें
मेट्रो के कार्य के चलते एमजी रोड के कुछ बस स्टॉप का कार्य अधूरा पड़ा है। अधिकतर का कार्य पूरा कर लिया गया है। फिर भी वीरान पड़े रहने के पीछे सबसे बड़ा कारण बस का इन स्टॉप से दूरी बनाए रखना है। शहर में 100 सिटी बसें संचालित हैं, लेकिन इन रूट से गुजरने के बाद भी बसें स्मार्ट सिटी की ओर से बनाए गए स्टॉप पर नहीं रुकती। ये बसें चौराहों और ट्रैफिक के बीच रुकती हैं। इसके चलते ट्रैफिक फ्लो के बीच में बस के रुकने से जाम के साथ हादसे की आशंका भी बनी रहती है।


- 20 बस स्टॉप का निर्माण कराया गया
- 100 इलेक्ट्रिक बस का शहर में संचालन
- 12 लाख करीब का खर्च आता है बस स्टॉप के निर्माण में


सिटी बसों के ड्राइवर को बस स्टॉप पर ही बस को रोकने के लिए निर्देशित किया जाएगा। जिससे पैसेंजर्स को असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।
अभय सिंह, सीओओ, आगरा-मथुरा सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड



बस स्टॉप बने हुए हैं, लेकिन फिर भी बस चौराहों पर रुकती हैं। ट्रैफिक के बीच बस रुकती हैं, जिससे कई बार हादसा होने का डर भी लगा रहता है।
ब्रजेश शर्मा

कोई भी चौराहा ले लीजिए आपको सिटी बस खड़ी मिल जाएगी। लेकिन इन चौराहों के पास ही बस स्टॉप बने हुए हैं, यहां ड्र्राइवर बसें नहीं रोकते हैं। इसलिए यहां पैसेंजर भी खड़े नहीं होते।

नितिन


ऐसा नहीं हो कि पहले की तरह बसों के इंतजार में ये बस स्टॉप जर्जर हो जाएं। ड्राइवर अगर बस को स्टॉप पर रोकेगा तो इससे पैसेंजर को भी राहत मिलेगी। उन्हें बस पकडऩे के लिए इधर-उधर भटकना नहीं होगा।
अरविंद कुमार


बस स्टॉप का क्या फायदा, जब यहां बसें रुकती ही नहीं है। सिटी बसों के चौराहों पर रुकने से जाम की स्थिति भी बन जाती है।
राज

अगर सिटी बस स्टॉप पर रुकेंगी तो पैसेंजर भी वहीं पर खड़े होंगे। चौराहों पर भीड़ कम होगी तो जाम की समस्या भी निजात मिलेगी।
निधि बेदी

एमजी रोड से लेकर फतेहाबाद रोड तक बने नए बस स्टॉप देखने में काफी आकर्षित लगते हैं। लेकिन ये वीरान पड़े रहते हैं। ये ही सिस्टम में सुराख है, कि इतने अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा।
दीपक दक्ष