आगरा(ब्यूरो)। यहां भी क्षेत्रीय लोग विरोध में आ गए हैं, इस टॉवर कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। नियमों को भी ताक पर रखा जा रहा है। इनके अनुसार पार्क परिसर में टॉवर नहीं लग सकते हैं।

टॉवर को लेकर गुस्सा
जिला प्रशासन की संस्तुति पर नगर निगम सीमा में शहर में 27 जगह मोबाइल टॉवर लगाए जा रहे है। अधिकांश टॉवर को लेकर विवाद और गतिरोध हो रहा है। पार्क और उसके आसपास लगाए जाने से लोग स्वास्थ्य कारणों का हवाला दे रहे हैं। उनका कहना है कि सुबह, शाम पार्क में लोग शुद्ध हवा और व्यायाम के लिए आते हैं। ऐसे में उनको मोबाइल रेडिएशन का सामना करना पड़ेगा। पार्क में बच्चे, बुजुर्गों के साथ हर आयु वर्ग के लोग आते हैं। इसलिए ऐसा नहीं होना चाहिए। वहीं इंडस्ट्रियल एरिया में नाले को बाधित करते हुए टॉवर लगाने से उद्यमियों में आक्रोश भड़का हुआ है।


पार्क या उसके आसपास भी मोबाइल टॉवर नहीं लगाया जाना चाहिए। मॉर्निंग में लोग अपनी सेहत बनाने के लिए निकलते हैं, लेकिन टॉवर से रेज निकलेंगी, जो कहीं न कहीं प्रभावित करेंगी। जिस तरह से मोबाइल टॉवर में इजाफा हो रहा है, इससे चिडिय़ा तो पहले से ही गायब हो चुकी हैं।
डॉ। देवाशीष भट्टाचार्य

पार्क में मोबाइल टॉवर लगाने से वहां आने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ेगा। टॉवर आबादी क्षेत्र से भी दूर लगने चाहिए।
डॉ। पार्थ सारथी शर्मा, आवास विकास

पार्क में व्यायाम के लिए जाता था, लेकिन जबसे टॉवर लगा है जाना बंद कर दिया। सुबह-सुबह बेहतर स्वास्थ्य की जगह तरंगे मिलेंगी।
सोनू दीक्षित, आवास विकास

पार्क और उसके आसपास मोबाइल टॉवर लगाने से रेडिएशन होगा। युवाओं के साथ बच्चे, बुजुर्ग सभी आते हैं, जिनको सर्वाधिक नुकसान होगा।
डौली शुक्ला, आवास विकास

जिला प्रशासन की संस्तुति पर विभिन्न स्थानों पर मोबाइल टॉवर लगवाए जा रहे हैं। इसके लिए टॉवर लगाने वाली कंपनी की ओर से सर्किल रेट के हिसाब से किराया भी जमा कराया गया है।
बीएल गुप्ता, मुख्य अभियंता, नगर निगम