आगरा। बता दें कि वसंतोत्व के चलते देशभर से राधास्वामी संप्रदाय के अनुयायी यहां जमा हैं और जिस समय हादसा हुआ, उस समय सड़क पर दयालबाग की सजावट देखने के लिए अच्छी खासी भीड़ जमा थी। जैसे सिलेंडर फटा तो अफरा तफरी मच गई। आसपास के लोग इधर-उधर भागने लगे, वहीं रोड से गुजरने वाले वाहनों ने भी यूटर्न ले लिया।

तेज धमाके के साथ फटा गैस सिलेंडर
हादसा शनिवार शाम साढ़े पांच बजे हुआ। दयालबाग में पोस्ट ऑफिस के पास एक गुब्बारे वाला खड़ा था। वह गुब्बारे में गैस भर रहा था। तभी अचानक तेज धमाके के साथ गैस सिलेंडर फट गया। गुब्बारे वाले युवक के साथ-साथ आसपास मौजूद लोग भी इसकी चपेट में आ गए। धमाके के समय वसंतोत्सव मेले के चलते आसपास काफी भीड़ थी। धमाके के बाद यहां भगदड़ और चीख पुकार मच गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दो महिला समेत चारों घायलों को एसएन इमरजेंसी भेज दिया। इसमें से दो लोगों के होश में आने की बात कही जा रही है।

सिलेंडर फटने घायल.
-गुब्बारा विक्रेता मुरारी लाल पुत्र प्रबल निवासी राहुल नगर बोदला, जो एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती है।
-सुदामा पत्नी अजीत निवासी बिचपुरी इनके भाई विक्रम उनके साथ हैं, वह पुष्पांजलि अस्पताल में भर्ती हैं।
-पूजा मिश्रा पुत्री परमात्मा कुमार उम्र 22 साल की हालत गंभीर है।
-रेयांश उम्र पांच वर्ष व अर्जुन उम्र ढाई वर्ष पुत्र गण अजीत, दोनों के मामूली चोटे हैं।

सस्ती गैस के इस्तेमाल से खतरा
यदि आपका बच्चा किसी ऐसे समारोह में जा रहा हो जहां गैस वाले गुब्बारे उड़ाए जाने हों, तो सावधान हो जाएं। उडऩे वाले गुब्बारे कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। इस हादसे का कारण गुब्बारों को उड़ाने के लिए सस्ती गैस का इस्तेमाल किया जाना बताया जा रहा है।

हाइड्रोजन गैस की कीमत अधिक
इस बारे में डॉ। मुकेश शर्मा बताया कि उडऩे वाले गुब्बारों में हीलियम व हाइड्रोजन गैस का प्रयोग होता है। लेकिन ये दोनों गैस महंगी होने के कारण गुब्बारे वाले इनकी जगह कार्बाइड से बनने वाली सस्ती गैस एसीटीलीन का इस्तेमाल करते हैं। कार्बाइड बाजार में सौ रुपये प्रति किलो मिल जाता है, जबकि हाइड्रोजन गैस की कीमत ज्यादा होती है।

एसीटिलीन गैस ज्वलनशील और घातक
एसीटीलीन गैस वाले गुब्बारे ज्यादा देर तक आकाश में नहीं रह पाते और जमीन पर गिर जाते हैं। इससे हादसा होना संभव है। डॉ। मुकेश शर्मा ने बताया कि कैल्सियम व कार्बाइड के संयोजन से बनी एसीटिलीन गैस ज्वलनशील और घातक है।

बैलून में तेजी से होता है गैस का रिसाव
गैस का रिसाव होने पर ही बैलून नीचे आएगा। गुब्बारे में भरी गैस ज्वलनशील होती है।

इस तरह बरतें सावधानी
-आयोजक सुनिश्चित करें कि गुब्बारों में हीलियम या हाइड्रोजन गैस ही भरी हो।
-जांच कराई जाएं कि गुब्बारे में कौन सी गैस भरी जा रही है।
-गुब्बारे उड़ाए जाने वाले स्थान पर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था हो।
-यदि गुब्बारा जमीन पर गिर जाए तो बच्चों को उन्हें उठाने से रोका जाए।

वर्जन
दुर्घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां घायलों को एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है, सभी लोग आसपास के रहने वाले हैं, एक महिला की हालत गंभीर है, जबकि दो लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
-अरबिंद निर्वाल, थाना प्रभारी न्यू आगरा