आगरा(ब्यूरो)। पासवर्ड के जरिए आपका ईमेल अकाउंट एक्सेस लेकर शातिर फ्रॉड को अंजाम दे रहे हैं। वहीं मेल पर मैसेज आने पर क्लिक करते ही आपका बैंक बैलेंस खाली कर देंगे।

मोबाइल नंबर न रखें जीमेल का पासवर्ड
जीमेल अकाउंट का पासवर्ड मोबाइल नंबर है। शातिर क्रिमिनल्स लॉगइन आईडी मोबाइल नंबर पासवर्ड भी मोबाइल नंबर एंटर करके लॉगिन कर लेता है। उसके बाद सारे कांटेक्ट लेकर नए नंबर पर फोटो लगाकर व्हाट्सएप पर फोटो लगा तो पैसों की डिमांड करता है। इसके बाद साइबर फ्रॉड का सिलसिला शुरू होता है। साइबर एक्सपर्ट विजय तोमर ने बताया कि कभी भी यूजर्स को अपनी जीमेल आईडी का पासवर्ड नंबर मोबाइल नंबर नहीं रखना चाहिए।

फ्रॉड के तरीके समझना जरुरी
साइबर फ्र ॉड अधिकतर मामले फोन पर आने वाले मैसेज या फिर ठगो के कॉल से होते हैं। आमतौर पर लोग फोन पर एक एसएमएस ओपन कर क्लिक करते हैं या फिर फोन करते हैं। और कुछ ही दिनों में उनका बैंक अकाउंट खाली हो जाता है। इसलिए बैंक फ्र ॉड के तरीके को समझना और उसका सतर्क रहना बहुत जरूरी है। साइबर फ्रॉड ने ठगी का एक नया तरीका अपना रहे हैं। विशेष साइबर ठग स्पीयर फिशिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं।

पब्लिक के अकाउंट पर सीधे सेंध
जानकारियां बताती हैं कि साइबर फ्र ॉड अलर्ट स्पीयर फिशिंग ईमेल के जरिए लोगों के साथ फ्र ॉड करने की कोशिश है। जिसे एक संस्था को दिया जाता है और उसका विश्वसनीय डाटा बिना लाइसेंस के एक्सेस किया जाता है। इसके बाद साइबर फ्र ॉड करने वाले लोग बड़े ही आसानी से लोगों के अकाउंट पर सीधे सेंध क्लिक अकाउंट खाली कर देते हैं।

ठगी से बचने का तरीका
फोन पर किसी को भी अपने बैंक खाते या कार्ड की डिटेल न दें। बैंक आए दिन यह सूचना ग्राहकों को देते रहते हैं कि बैंक अधिकारी ग्राहकों से कभी भी फोन, मैसेज, ईमेल या किसी लिंक के जरिए उनकी बैंकिंग डिटेल्स नहीं मांगते हैं। इसलिए ग्राहकों को कॉल पर किसी को भी बैंकिंग डिटेल्स देने से बचना चाहिए। कुछ मामलों में यह भी देखा गया कि जालसाज बैंककर्मी या कंपनी का अधिकारी बनकर कॉल करता है और समस्या के समाधान के लिए एक लिंक भेजता है। लिंक पर क्लिक करने पर फॉर्म खुलता है और उसमें कुछ डिटेल्स भरने को कहा जाता है। अगर आपने उसमें डिटेल भरकर भेज दीं तो आपका अकाउंट खाली हो जाता है।


यूजर्स को अपनी जीमेल आईडी का पासवर्ड नंबर मोबाइल नंबर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि अक्सर साइबर क्रिमिनल्स आपके आसपास से नाम और नंबर लेकर ट्राय करते हैं, जिससे साइबर ठगी की वारदात होती हैं।
सुल्तान सिंह, साइबर सेल प्रभारी