आगरा(ब्यूरो)। घटना 20 फरवरी 2014 की है। गंगे गौरी बाग बल्केश्वर निवासी स्वराज टाइम्स के संपादक विजय शर्मा अपनी पुत्री निवेदिता और पुत्र अर्जेश के साथ शादी में शामिल होने फिरोजाबाद गए थे। घर पर उनकी पत्नी नीलम शर्मा, वृद्ध पिता आनंद शर्मा थे। परिवार आधी रात को लौटा तो नीलम शर्मा की हत्या और लूटपाट की जानकारी हुई। उनकी धारदार हथियार से ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या की गई थी। पेट डॉग टफी को भी मार दिया था।


9 साल पहले की थी हत्या
पुलिस ने 25 फरवरी 2014 को हत्याकांड का पर्दाफाश किया। लूट और हत्या के आरोप में नीलम शर्मा के भांजे आशु उर्फ आशुतोष गोस्वामी और उसके मित्र रोनी मैसी निवासी अर्जुन नगर शाहगंज को गिरफ्तार किया था। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र मोहम्मद राशिद ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश साक्ष्यों, वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक शर्मा व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदर्श चौधरी के तर्कों के आधार पर आरोपी आशुतोष और रोनी को दोषी पाया। गुरुवार को दोषियों को सजा सुनाने के दौरान नीलम शर्मा के परिजन भी न्यायालय मे मौजूद थे।

तोते हीरा से मिला था सुराग
आशु और रोनी ने नीलम की हत्या के बाद सुराग मिटाने के उद्देश्य से पेट डॉग टफी को भी मार दिया था। पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल रहा था। पुलिस और परिजन दोनों ही मान रहे थे कि लूटपाट और हत्या करने वालों को नीलम बखूबी जानती थीं। पालतू तोते हीरा के सामने परिवार ने सभी के नाम लिए। आशु का नाम आते ही तोता चीखने लगा था। पुलिस ने शक के आधार पर उसे पकड़ा। पूछताछ में हत्याकांड खुल गया। हत्या के बाद दोनों तोते के ङ्क्षपजरे पर शाल डाल गए थे। कुछ समय बाद तोते हीरा की मौत हो गई थी।

वफादारी में पेट डॉग टफी ने दी थी जान
परिवार के पेट डॉग जर्मन शैफर्ड टफी ने वफादारी में अपनी जान दे दी थी। लूटपाट के बाद हत्यारे आशुतोष और रोनी मैसी जिस समय नीलम शर्मा पर धारदार हथियार से प्रहार कर रहे थे। टफी ने उन पर हमला बोल दिया। आशु को काट लिया था। जिस पर दोनों ने डॉग पर ताबड़तोड़ प्रहार कर उसे भी मार दिया था।