आगरा। एसटीएफ आगरा यूनिट को सूचना मिली थी कि ताजगंज क्षेत्र से सैंपल की दवाओं का अवैध कारोबार किया जा रहा है। इस जानकारी पर एसटीएफ की टीम ने गुरुवार दोपहर गोदाम संचालक सोनू अग्रवाल को हिरासत में ले लिया। सोनू अग्रवाल मूलरूप से पिनाहट निवासी बताया गया है। उससे मिली जानकारी के बाद ताजगंज के बाग खिन्नी महल में छापा मारा.यहां बासुदेव कुशवाह के मकान में दो कमरे किराए पर लेकर अवैध गोदाम बनाया गया था। एसटीएफ टीम के साथ औषधि विभाग की टीम भी वहां पहुंची।

116 तरह की दवाएं मिलीं
जब गोदाम में टीम पहुंची तो दोनों कमरों में बड़ी मात्रा में सैैंपल की दवाएं भरी हुई थीं। करीब 116 प्रकार की दवाएं यहां बरामद हुईं। इनमें टेबलेट, सीरप और कई तरह की किट भी थीं। आरोपियों ने दो माह पहले चार हजार रुपए किराए पर दो कमरे लिए थे।

देर रात तक चलता रही सीलिंग
गोदामों से दवा निकालकर बोरों में भरी गई तो रात तक 100 बोरे भर गए। मगर, पूरी दवाएं नहीं भरी जा सकीं। एसटीएफ की दूसरी टीम ने शमसाबाद रोड पर राधे कृष्ण धाम कॉलोनी के पास एक गोदाम में छापा मारा। यहां भी बड़ी मात्रा में सैैंपल की दवाएं मिलीं। ये दवाएं नामी कंपनियों द्वारा फिजिशियन सैैंपल के रूप में बनाई गई थीं। डॉक्टरों के माध्यम से मरीजों को देने के बजाय ये दवाएं गोदाम में स्टॉक करके रखी गई थीं।

दूसरे राज्यों में होती थी सप्लाई
एसटीएफ ने गोदाम संचालक से पूछताछ की। इसमें पता चला कि गोदाम से इन दवाओं पर एमआरपी की पर्ची चस्पा करके दूसरे राज्यों में भेजा जाता था। सीओ एसटीएफ उदयप्रताप ने बताया कि छापे में बड़ी मात्रा में दवाएं जब्त की गई हैं। औषधि विभाग की टीम जांच कर रही है। दोनों गोदामों की जांच के बाद गोदाम संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी की जा रही है।


दो गोदामों से सैैंपल की दवाएं बरामद की गई हैैं। अभी इन दवाओं का आंकलन करके सील किया जा रहा है।
- एके जैन, सहायक औषधि आयुक्त

पहले भी हो चुकी हैैं कई कार्रवाई

- मार्च 2022 में एनसीबी दिल्ली की टीम ने नारकोटिक्स की दवाओं की अवैध सप्लाई में फव्वारा दवा बाजार के 40 कारोबारियों को नोटिस दिए थे।
- 2021 में आजमगढ़ में सिकंदरा से ले जाया जा रहा कफ सिरप से भरा ट्रक पकड़ा।
- 2020 में पंजाब पुलिस ने कमला नगर में नशीली व प्रतिबंधित दवाओं के सप्लायर कपिल अरोड़ा और उसके भाई को गिरफ्तार किया था।
- 2019 में एनसीबी ग्वालियर की टीम ने ट्रांसपोर्ट कंपनी से 100 करोड़ से अधिक की नशे की दवाएं जब्त की थीं।