आगरा(ब्यूरो)। जनवरी से मार्च के बीच तीन महीने में सर्दी, जुकाम और बुखार में दी जाने वाली एंटी एलर्जिक दवाओं के साथ ही दांत के दर्द, शरीर दर्द की दवाओं की 10 से 15 परसेंट तक कीमतें बढ़ गई हैं। हर बार नए बैच की दवाएं बढ़ी हुई कीमतों के साथ आ रही हैं। एक अप्रैल से ह्रदय रोग, डायबिटीज समेत अन्य बीमारियों में दी जाने वाली दवाओं के रेट भी बढ़ जाएंगे। उधर, डॉक्टरों की कंसल्टेशन फीस भी बढऩे लगी है। डायबिटीज, ह्रदय रोग विशेषज्ञों ने कंसल्टेशन फीस 300 से बढ़ाकर 500 रुपए और 500 रुपए से बढ़ाकर 700 से 1000 रुपए तक कर दी है। सुपरस्पेशियलिस्ट 1000 रुपए फीस ले रहे हैैं। अस्पताल में भर्ती मरीज को देखने के लिए डॉक्टर एक हजार रुपए शुल्क ले रहे थे। इसे बढ़ाकर 1500 रुपए तक कर दिया है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी नियमित दवाएं ले रहे डायबिटीज, ह्रदय रोग, कैंसर रोग, थायरॉयड की समस्या से पीडि़त मरीजों को हो रही है। इलाज का खर्चा 20 से 25 परसेंट तक बढ़ गया है।

डॉक्टरों की फीस सात दिन के लिए मान्य
फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ- 500 रुपए
डायबिटीज विशेषज्ञ, ह्रदय रोग विशेषज्ञ- 700 से 1000 रुपए
सुपरस्पेशियलिस्ट न्यूरोसर्जन, न्यूरोफिजीशियन, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट- 800 से 1000 रुपए

प्रमुख दवाएं जिनके बढ़े रेट
ब्रांड का नाम, बीमारी, पहले रेट, अब रेट
-मॉनटायर-एलसी 15 टेबलेट, एलर्जी और सर्दी जुकाम, 423 , 523
-डायनापार-एमआर 10 टेबलेट, मांसपेशियों में दर्द, 219 , 241
-कीटोरोल-डीटी 15 टेबलेट, दांत के दर्द और शरीर दर्द , 133 , 146
-काइमोरल फोर्ट 20 टेबलेट, सूजन, दर्द के लिए , 423, 453

महंगाई लगातार बढ़ रही है। इसके चलते डॉक्टर्स की कंसल्टेशन फीस भी बढ़ा दी है। 500 से 1000 रुपए तक कंसल्टेंट फीस है। कुछ डॉक्टर 200 से 300 रुपए में भी परामर्श दे रहे हैं।
डॉ। ओपी यादव, प्रेसिडेंट, आईएमए आगरा


जनवरी से मार्च के बीच दवाओं की कीमतें बढ़ गई हैं। नए बैच की दवाएं बढ़ी कीमतों के साथ आ रही हैं। ज्यादा इस्तेमाल होने वाली दवाओं के रेट अधिक बढ़ रहे हैं।
- अमित सक्सेना, केमिस्ट


डायबिटीज की समस्या है, हर महीने डॉक्टर को दिखाने जाते हैं। डॉक्टर ने अपनी फीस 700 रुपए कर दी है। हर बार दवाएं 100 से 150 रुपए महंगी मिल रही हैं।
- एचके श्रीवास्तव, पुष्पांजलि आशियाना, सिकंदरा

बीते दिनों में घर में एक सदस्य की तबियत खराब हो गई थी। 15 दिन उपचार कराया। इस दौरान ही लगभग 15 हजार रुपए तक खर्च हो गए। पहले जो दवाएं लेते थे। वह अब महंगी हो गई हैैं।
- पवन कुमार, लॉयर्स कॉलोनी