आगरा(ब्यूरो)। कमिश्नर ने कहा कि मंडल की तीन नगर निगम, सभी नगर पंचायतों और नगर पालिका परिषदों में वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर ठोस कदम न उठाने वाले अधिकारियों को चिन्हित किया जाएगा। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। विगत दिनों ताजमहल के आसपास वायु प्रदूषण का अत्याधिक प्रभाव देखने को मिला। कमिश्नर ने कहा कि अगर धुंध में ताजमहल नहीं दिखेगा तो पर्यटक क्यों आएंगे। यह स्थिति जन स्वास्थ्य के साथ आर्थिक गतिविधियों के लिए खतरनाक है।

सड़क और पेड़ों पर हो पानी का छिड़काव
उन्होंने कहा कि सड़कों और पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया जाए। निर्माणदायी एजेंसियों द्वारा निर्माण स्थलों पर हरा पर्दा का प्रयोग किया जाए। जरूरत पडऩे पर एंटी स्मॉग गन का भी सहारा लिया जा सकता है। ठीक तरीके से सफाई और कूड़े का उठान कराया जाए। कमिश्नर ने कहा कि एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की भी मदद ली जा सकती है। हर दिन दो बार डाटा की जांच की जाए। अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।


उखड रही सांस, रात में बढ़ रही परेशानी
आगरा। धुंध से सांस संबंधी बीमारियों से पीडि़त मरीजों की तबीयत बिगडऩे लगी है। सोमवार को सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में सांस संबंधी बीमारियों से पीडि़त मरीजों की लाइन लगी रही। गंभीर हालत में आ रहे मरीजों को भर्ती कर ऑक्सीजन दी जा रही है।

इंफेक्शन के बढ़ रहे मामले
एसएन की क्षय एवं वक्ष रोग की ओपीडी में 273 मरीजों को परामर्श दिया गया। डॉ। संतोष कुमार ने बताया कि धुंध छाने से प्रदूषक तत्व निचली सतह पर आ गए हैं। इसमें सूक्ष्म कणों की मात्रा अधिक है। सांस लेने पर धूल कण के साथ ही हानिकारण प्रदूषक तत्व सांस नलिकाओं में पहुंच कर संक्रमण कर रहे हैं। इससे सांस नलिकाओं में सूजन आने लगी है। अस्थमा, क्रानिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, टीबी और धूल व प्रदूषक तत्वों से एलर्जी के मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। ओपीडी में 70 प्रतिशत मरीज सांस लेने में परेशानी, गले में दर्द और खांसी की समस्या के साथ आ रहे हैं। इन मरीजों की इन्हेलर की डोज बढ़ाई जा रही है। गंभीर हालत में आ रहे मरीजों को भर्ती किया जा रहा है, ऑक्सीजन दिया जा रहा है। बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ। नीरज यादव ने बताया कि पांच साल से कम के बच्चों में धूल कण और प्रदूषक तत्वों से एलर्जी होने पर गले में दर्द, खांसी के साथ ही सांस लेने में परेशानी हो रही है। फेंफड़ों में संक्रमण की भी शिकायत हो रही है।

ये करें
- धुंध में सुबह और रात में सांस संबंधी बीमारी से पीडि़त मरीज घर पर ही रहें
- धूप निकलने पर ही टहलने जाएं
- घर में आग न जलाएं, धुआं न होने दें
- मास्क का इस्तेमाल करें
- गले में दर्द खराश की समस्या होने पर गुनगुने पानी से गरारे कर लें।


सड़कों पर मलबा दिखा तो काटा चालान
आगरा: वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर नगर निगम की टीमों ने लोहामंडी, हरीपर्वत, छत्ता और ताजगंज जोन में विशेष जांच अभियान चलाया। दिनभर चले अभियान में निर्माण स्थलों पर हरा पर्दा न होने, सड़कों, फुटपाथ व पार्कों पर मलबा पड़ा होने पर चार लाख रुपए का जुर्माना लगाया। 3.55 लाख रुपए का जुर्माना मौके पर वसूला गया। वहीं, लेडी लॉयल अस्पताल में पुराने भवन को तोडऩे में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नोटिस देते हुए जुर्माना लगाया जाएगा। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने सोमवार को बैठक कर नगर निगम सहित अन्य विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए थे। नगर निगम और फायर ब्रिगेड की गाडिय़ों से सड़कों और पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया गया।

'आंकड़ों' में मिली राहत
आगरा: ताजनगरी में हवा में घुले अति सूक्ष्म कणों और धूल कणों की मात्रा में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली, लेकिन सभी ऑटोमेटिक मॉनिटङ्क्षरग स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता थोड़ा प्रदूषित स्थिति में बरकरार रही। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 128 रहा, जो सोमवार के एक्यूआई 165 से कम था। रोहता लगातार दूसरे दिन शहर में सर्वाधिक प्रदूषित रहा। संजय प्लेस स्थित ऑटोमेटिक मॉनिटङ्क्षरग स्टेशन लगातार तीसरे दिन बंद रहा। आगरा में शुक्रवार से हवा में अति सूक्ष्म कणों व धूल कणों की मात्रा बढऩा शुरू हुई थी। यहां रविवार को एक्यूआई 200 तक पहुंच गया था। सोमवार से एक्यूआइ में थोड़ा सुधार होना शुरू हुआ था। मंगलवार को शाहजहां गार्डन, रोहता और मनोहरपुर में अति सूक्ष्म कणों और शास्त्रीपुरम और सेक्टर तीन-बी आवास विकास कॉलोनी में धूल कणों की मात्रा अधिक रही। रोहता में हवा में घुले धूल कणों की अधिकतम मात्रा 310 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गई। यह मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के पांच गुणा से अधिक रही। संजय प्लेस स्थित लेजर साइट््स पर निर्माण कार्य चल रहा है। मानकों के विपरीत निर्माण सामग्री को नहीं ढका गया है। एसीएम प्रथम और नगर निगम की टीम ने 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर लगाया गया।


शहर में एक्यूआई की स्थिति
मनोहरपुर दयालबाग, 128
सेक्टर तीन-बी आवास विकास कॉलोनी, 108
शास्त्रीपुरम, 129
रोहता, 162
शाहजहां गार्डन, 107