प्रयागराज ब्यूरो । गर्मी में पानी की खपत काफी बढ़ गई है। प्रयागराज जंक्शन पर प्यासे ट्रेन यात्रियों की मजबूरी का फायदा प्लेट फार्म के दुकानदार उठा रहा हैं। 15 रुपये का बोतल बंद रेल नीर जंक्शन के प्लेट फार्म नंबर दो व तीन पर दुकानदार बीस रुपये में बेच रहे हैं। यहां प्लेट फार्म नंबर नौ और दस कई दुकानों पर पंद्रह रुपये ही रेल नीर का रेट है। इन दुकानदारों के बीच इसी नौ व दस प्लेट फार्म पर एक ऐसा भी दुकानदार मिला जो बीस रुपये बोतल रेल नीर बेच रहा है। इस प्लेटफार्म पर जब उसके हरकत की हकीकत यात्री बताने लगे तो वह दुकानदार यात्रियों पर ही रौब गांठने लगा। गुस्से में घुड़की देते हुए अंगुली तो ऐसे दिखा रहा था मानों उसे किसी का कोई खौफ नहीं है। जंक्शन के प्लेट फार्मों पर पानी के ओवर रेटिंग की यह हकीकत दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने बुधवार को दिन में किये गये रियलिटी चेक में सामने आई।

इसलिए यात्री खरीदते हैं बोतल
धूप और गर्मी के इस मौसम से हर कोई परेशान है। इस मौसम में पानी की खपत काफी बढ़ गई है। फिर वह बस स्टैंड या मार्केट हो अथवा रेलवे जंक्शन। रेलवे जंक्शन पर ट्रेन से आने वाले यात्री जल्दी के चक्कर में बोतल पानी खरीदना ज्यादा उचित समझते हैं। क्योंकि लगे हुए शीतल पेयजल वाले नल पर भीड़ होती है। साथ ही पानी भरने में वक्त भी लग जाता है। ऐसे में उनके सामने ट्रेन छूटने की समस्या रहती है। इस लिए तमाम यात्री स्टेशन पर बोतल का पानी ही खरीदते हैं। प्रयागराज जंक्शन पर बोतल बंद रेल नीर का पानी ही बिकता है। विभागीय लोग बताते हैं कि रेल नीर एक बोतल पानी की कीमत पंद्रह रुपये है। इस रेल नीर के पानी को प्लेट फार्म पर लगी दुकानों पर भी बिकता है। गर्मी में बढ़ी हुई पानी की खपत को देखते हुए इस जंक्शन पर ज्यादातर दुकानदार पंद्रह रुपये का पानी बीस रुपये में धड़ल्ले से बेच रहे हैं। इस बात की भनक लगने के बाद दैनिक जागरण आईनेक्स्ट रिपोर्ट हकीकत का पता लगाने के लिए प्रयागराज जंक्शन पहुंचा।


यात्री ने खोला पोल, तैश में आया दुकानदार
रिपोर्टर सबसे पहले जंक्शन के प्लेट फार्म नंबर दो व तीन का जायजा लिया।
प्लेट पर पहुंचने के बाद दुकानों पर रेल नीर की बोतलें नजर आईं। यहां कई दुकानों पर इस पानी का रेट एक यात्री की तरह पूछा।
इस प्लेट फार्म पर हर दुकानदार पानी का रेट बीस रुपये बताया।
रिपोर्टर इसके बाद वहां से निकला और सीढिय़ों से होते हुए प्लेट फार्म नंबर नौ व दस पर जा पहुंचा।
इस प्लेटफार्म की दुकानों पर पानी खरीदने के लिए यात्री खड़े थे। ज्यादातर दुकानों पर यहां पंद्रह रुपये में बोतल पानी बिक रही थी।
इसी प्लेट फार्म पर एक दुकानदार ऐसा भी था जो खुलेआम बीस रुपये बोतल रेल नीर बेच रहा था।
एक यात्री को जब वह बीस रुपये बोतल पानी दिया तो रिपोर्टर वहां मौजूद था।
यात्री पानी लेकर ट्रेन की तरफ बढ़ा तो रिपोर्ट उससे सवाल पूछा कि पानी कितने का मिला। यात्री का जवाब था बीस रुपये में।
रिपोर्टर उसे यात्री को लेकर दुकान पर पहुंचा। दुकानदार से रिपोर्टर ने जब पंद्रह का पानी बीस रुपये में बेचने को लेकर सवाल किया तो सीना जोरी पर उतर गाया।
कहना था कि रेल नीर पंद्रह का ही बेच रहे हैं। यह सुनकर यात्री ने कहा कि फिर हमें बीस रुपये बोतल क्यों दिए।
यात्री की यह बात सुनते ही वह दुकानदार तैश में आ गया। यात्री को घुड़की देते हुए अंगुली दिखाकर उसे वहां से चले जाने व झूठा बताने लगे।
दुकानदार को जब यह पता चला कि सवाल पूछने वाला शख्स रिपोर्टर है तो मानों होठ सूख गए। वह कसम खाने से लेकर गलती तक मानने लगा।

प्लेट फार्मों पर लगे स्टॉल की जांच के लिए टीमें लगाई गई हैं। पानी की ओवर रेटिंग जैसी कोई शिकायत नहीं है। कोई यात्री एप्लीकेशन नहीं दिया। यदि आप को दिक्कत है तो एप्लीकेशन दीजिए कार्रवाई करेंगे। हमारा कुछ भी कहना नहीं है। आप डीआरएम से बात करिए।
- दिनेश कुमार, एसीएम रेलवे स्टाल