- शहर से बाहर रहने वाले होली पर छुट्टी न मिलने से रहे परेशान

- होली की रात में ट्रेन से पहुंचे घर, दूसरे दिन खेली होली

ALLAHABAD: टैगोर टाउन के रहने वाले अभय और बैरहना के रहने वाले सोनू दोनों दोस्त हैं। दोनों कंप्यूटर इंजीनियर हैं और वर्तमान में पुणे में जॉब करते हैं। होली पर आने की पूरी प्लानिंग थी। लेकिन उनकी छुट्टी फाइनल नहीं हो सकी। होली के एक दिन पहले तक उन्होंने वहां पर जॉब की। फिर रात में ट्रेन से इलाहाबाद चल दिए। रिजर्वेशन तो मिल गया था लेकिन पुणे से इलाहाबाद की दूरी इतनी ज्यादा थी कि वह चाह कर भी कुछ न कर सके।

ट्रेन में देखते रहे मस्ती करते हुए

पुणे से इलाहाबाद की यात्रा उनकी ख्ब् घंटे की रही। ख्ब् घंटे के अंदर पूरी होली बीत गई। दोनों ट्रेन में बैठकर लोगों को रास्ते भर होली खेलते रहे। सोनू का और भी बुरा हो गया जब उसके मोबाइल का नेटवर्क भी धोखा दे गया। जबकि अभय को वाट्स एप पर अपने दोस्तों की होली की पिक्चर मिलने लगी थी। जिसे देखकर वह होली को और भी ज्यादा मिस कर रहे थे। हर पल होली की याद उनकी ताजा हो रही थी। रात में करीब दस बजे उनकी ट्रेन जंक्शन पहुंची। फिर घर जाकर केवल रेस्ट करने के अलावा दूसरा कोई आप्शन नहीं बचा था।

ये दो दोस्तों की कहानी नहीं

ये कहानी सिर्फ सोनू और अभय की नहीं है। इलाहाबाद में ज्यादातर बाहर से आने वालों लड़कों के साथ यही हुआ। शहर से ज्यादा दूरी होने पर उन्हें होली मिस करना पड़ा। ज्यादातर लोगों को होली के पहले छुट्टी नहीं मिली थी। वह तो भला हो इलाहाबाद का जहां पर फ्राइडे से ज्यादा सैटरडे को होली खेली गई। जिसके कारण उन्होंने अपना होली मिस नहीं किया। सैटरडे को ही अभय और सोनू ने जमकर बैरहना में अपने दोस्त के यहां होली सेलिब्रेट किया। अपने साथी डॉक्टर अजीत सिंह के छत पर डीजे लगाया और सारे दोस्तों के साथ मिलकर वहां पर कपड़ा फाड़ होली खेली।