प्रयागराज ब्यूरो । मेला क्षेत्र की दुकानों पर गार्बेज कंटेनर यानी डस्टबिन नहीं रखने वाले स्ट्रीट वेंडरों की अब खैर नहीं हैं। ऐसे वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई संग प्रशासन द्वारा फाइन भी वसूला जाएगा। इन वेंडरों को तीन कैटेग्री में डिवाइड किया गया है। इनमें एक और बी कैटेग्री वालों पर 200 जबकि सी कैटेग्री के दुकानदारों से एक हजार रुपये का फाइन लिया जाएगा। इस कार्रवाई की मानीटरिंग हर महीने मेला अधिकारी व खुद मंडलायुक्त द्वारा की जाएगी। इसी के साथ एक अच्छी खबर यह है कि मेला क्षेत्र में सामुदायिक किचन व दो भोजन वितरण केंद्र भी बनाया जाएगा। यहां श्रद्धालुओं को चंद रुपयों में ब्रेक फास्ट और लंच मिलेगा। यह प्रस्ताव शनिवार को मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता एवं मेलाधिकारी कुंभ विजय किरण आनन्द की मौजूदगी में हुई 16वीं बोर्ड की बैठक व महाकुंभ 2025 की समीक्षा बैठक में पेश किया गया। इसके पूर्व मेला अधिकारी द्वारा गंगा नदी में बन रहे ब्रिज का निरीक्षण भी किया गया।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी कई सुविधाएं
माघ मेला में सुविधाओं की समीक्षा के साथ बैठक की शुरुआत की गई। अफसरों ने कहा कि मेला पांच हजार श्रद्धालुओं की क्षमता वाले एक सामुदायिक किचन एवं दो भोजन वितरण केंद्र बनाया जाए। जहां हर श्रद्धालु को पांच रुपये में ब्रेकफास्ट और दस रुपये में लंच दिए जाने की व्यवस्था के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। जिसके आय व व्यय की पूर्णता समीक्षा की जाएगी। बगैर देर किए इस प्रस्ताव को अमल में लाने पर जोर दिया गया। इसी कि साथ सॉलिड बेस्ट मैनेजमेंट पर भी चर्चा की गई। अफसरों ने कहा कि मेला क्षेत्र में कूड़ा करकट, सेनेटरी वेस्ट आदि रोक थाम किए जाने के लिए स्पॉट फाइन लिया जाय। यह काम स्थानीय निकाय के जरिए कराए पर बल दिया गया। इस प्रस्ताव को भी बैठक में अनुमोदित किया गया। कहा गया कि जो स्ट्रीट वेंडर्स कंटेनर का प्रयोग नहीं कर नियम तोड़ रहे उनसे 200 रुपये व बिना लाइसेंस के चल रही दुकान जहां गार्बेज कंटेनर नहीं हैं उनसे भी 200 रुपये फाइन वसूला जाय। इसी तरह अस्थाई कमर्शियल शॉप्स खाने पीने के स्थान पर जहां प्रॉपर गार्बेज कंटेनर का प्रयोग नहीं किया जा रहा उन पर 1000 रुपये फाइनल लगाने के निर्देश दिए गए।

नाविकों व श्रमिकों को मिलेगा लाभ
स्वच्छ कुंभ कोष से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा निगम, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, मुख्यमंत्री जन अरोग्य अभियान, कन्या सुमंगला योजना, सफाई कर्मियों नाविकों की बालिकाओं को शिक्षा प्रोत्साहन योजना श्रम योगी मानवधनयोजना के तहत तीन हजार सफाई कर्मियों व रजिस्टर्ड नाविकों एवं उनके परिवारों को लाभ देने का निर्णय लिया गया। मंडलायुक्त ने कहा कि डुप्लीकेशन रोकने के लिए जो आटोमेटिक शामिल हो रहे उनका प्रीमियम नहीं भरा जाएगा। नगर आयुक्त द्वारा कमिश्नर को सिटी सैनिटेशन प्लान की जानकारी दी गई। इस पर मंडलायुक्त ने जोन वाइस निरंतर समीक्षा के निर्देश दिए। साथ ही ठेकेदारों को टारगेट वाइस इंसेटिव देने की बात कही। कहा कि जो लोग अच्छा काम कर रहे उन्हें चिन्हित करके पुरस्कृत किया जाय। माघ मेला में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए पोल पर स्पाइरल लाइटिंग एवं थेमेटिक लाइट लगाने के निर्देश दिए।

महाकुंभ में पर्यटन सुविधा पर बल
महाकुंभ 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी चर्चा की गई। जर्नी मैपिंग व पिलग्रिम एक्सपीरियंस एनहैसमेंट के मद्देनजर टूरिज्म इप्रूवमेंट इनिशिएटिव की स्टडी इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के मोनीर्बा डिपार्टमेंट से कराने के प्रस्ताव को अनुमानित किया गया। इसी के साथ टूरिस्ट प्रोफाइलिंग, टूरिस्ट जर्नी मैपिंग, टूरिस्ट स्पेडिंग कैपेसिटी, टूरिस्ट पॉइंट ऑफ कांटेक्ट्स, टूरिस्ट सेटिस्फेक्शन एनॉलिसिस तथा टूरिस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर गैप इनॉलिसिस जैसे किए जाने वाले अन्य कार्यों पर भी चर्चा की गई। इसी के साथ चार फ्लोटिंग जेटी की खरीद, आईट्रिपलसी सभाग में वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए वीडियो वॉल व अन्य पकरण का सेटअप लगाने एवं पर्यटकों के भ्रमण के लिए पैकेज टूर्स के संचालन हेतु दो अदद अर्बनिया 17 सीटर वाहन की खरीदारी के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। वर्ष भर मेला क्षेत्र में सेनेटरी कांप्लेक्स कंटेनर, टॉयलेट स्थापित करने व ट्रिपल आईटी प्रयागराज द्वारा टेलीकॉम सर्विसेज, वेबसाइट, सिक्योरिटी एंड सर्विलेंस, जैसे अन्य कार्यों पर भी मंथन किया गया।

तीन विभागों की दी गई नोटिस
महाकुंभ 2025 में क्रियान्वित की जा रही परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस दौरान पीडीए व जल निगम तथा उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति सुस्त पाई गई। इस पर मेला अधिकारी कुंभ ने बताया कि वह तीनों विभागों को कार्य की प्रगति असंतोषजनक होने पर नोटिस दी गई है। वहीं मंडलायुक्त ने भी सम्बंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि विभागों के मोस्ट सीनियर अधिकारी कार्यों का निरीक्षण करें और सक्रियता बढ़ाएं।