बरेली(ब्यूरो)। ट्रैफिक व्यवस्था सुलभ बनाने के लिए बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन वे दावे धरातल पर कितने खरे उतरते हैं। यह बात जनता के साथ ही अफसरों से भी छिपी नहीं है। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए हॉस्पिटल, स्कूल, ओवरब्रिज और खतरनाक मोड़ आदि पर अलर्ट साइन बोर्ड लगाने अनिवार्य है। लेकिन अधिकांश स्थानों पर इनका नामोनिशान भी नहीं है। कई खतरनाक मोड़, स्कूल्स और हॉस्पिटल्स के पास तक से साइन बोर्ड गायब है। इससे किसी भी समय हादसा हाने का खतरा बना रहता है।

मुख्यमंत्री ने दिए थे निर्देश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों सडक़ सुरक्षा के मुद्दे पर बैठक में कहा था कि सडक़ सुरक्षा से जुड़े मानकों को समय रहते पूरा किया जाए। इसके बाद भी सिटी की स्थिति बदहाल है। अधिकारी अवैध स्टैंड हटाने में अवश्य दिलचस्पी दिखा रहे हैं। लेकिन, इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।

कई विभागों की जिम्मेदारी
सभी विभागों को शहर में रोड के हिसाब से अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी जाती है। इसमें पीडब्ल्यूडी, ट्रैफिक विभाग और नगर निगम के संयुक्त प्रयासों से सडक़ किनारे अलर्ट साइन बोर्ड लगाए जाते हैं। इसके लगने से अस्पताल जाने वाले मरीज, खतरनाक मोड़ों से पहले वाहनों की रफ्तार कम करना, स्कूल आने से पहले ही वाहन चालकों का सतर्क हो जाते हैं। यह बोर्ड संवेदनशील स्थानों पर 100 मीटर पहले लगाया जाता है। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह कुछ ही संवेदनशील स्थानों पर नजर आते हैं।


इन जगहों पर लगते हैं साइन बोर्ड
-आगे ओवरब्रिज है
-आगे खतरनाक मोड़ है
-आगे स्कूल है
-आगे हॉस्पिटल है
-आगे सिंगल रोड है
- आगे स्पीड ब्रेकर है
-आगे बाजार है

इन जगहों पर नहीं साइन बोर्ड
-बुडरो पब्लिक स्कूल
-बेदी इंटरनेशनल स्कूल
-जिंगलवेल स्कूल
-क्रिएथिक्स पब्लिक स्कूल
-प्रतिमा मेमोरियल स्कूल
-तिलक इंटर स्कूल
-चौपुला ओवरब्रिज
-श्यामगंज ओवरब्रिज
-ईशान हॉस्पिटल
दीपमाला हॉस्पिटल
संजयनगर पेट्रोल पंप मोड़
एकतानगर चौराहा

हाईलाइट्स
-रोड के हिसाब से विभागों की जिम्मेदारी
-नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस व पीडब्ल्यूडी के पास जिम्मेदारी
-एनओसी लेने की होती है जरूरत
-मेन प्वाइंट्स पर लगना आवश्यक
-100 मीटर पहले लगने अनिवार्य

वर्जन
संवेदनशील स्थानों से पहले अलर्ट साइन बोर्ड लगवाने का काम नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकार क्षेत्र में आता है। ट्रैफिक पुलिस की कोई जिम्मेदारी नहीं होती है।
राममोहन सिंह, एसपी ट्रैफिक


शासन से आदेश के बाद तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगम की ओर से पीलीभीत रोड, सेटेलाइट रोड व स्टेडियम रोड पर एक-दो दिन में इन बोड्र्स लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त

जनता से बातचीत
साइन बोर्ड से पहले ही जानकारी हो जाती है कि आगे मोड़ या स्कूल आने वाला है। इससे वाहन की स्पीड कम कर ली जाती है। साइन बोर्ड नहीं होने पर कुछ पता ही नहीं चल पाता, जिससे हादसे की संभावना बनी रहती है।
बुद्धसेन

पहले तो अक्सर साइन बोर्ड दिख जाते थे। लेकिन, अब कहीं भी नहीं दिखते। जबकि अलर्ट साइन बोर्ड हॉस्पिटल, स्कूल व खतरनाक मोड़ों से पहले अवश्य लगने चाहिए। ताकि वाहन चालकों को जानकारी हो जाए और वो सतर्क हो जाएं।
राधेश्याम