- बढ़ी संख्या में लोग हो रहे दूसरी बार संक्रमित

- डॉक्टर्स के अनुसार, न बरतें लापरवाही, कोरोना से बचाव की गाइड लाइन का करें पालन

बरेली : पिछले वर्ष की तरह इस बार भी कोरोना ने तेजी से पांव पसारे तो कोरोना केसेस के साथ ही संक्रमितों की डेथ का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। लेकिन इस वर्ष चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले वर्ष जिन लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी उनमें से कई दूसरी लहर में भी कोरोना जांच में पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। ऐसे कई केसेस बीते दिनों में सामने आ चुके हैं।

बहरुपिया ने दिया दर्द

300 बेड कोविड हॉस्पिटल के प्रभारी सीएमएस डॉ। वागीश वैश्य के अनुसार पिछले वर्ष जो लोग कोरोना संक्रमित हुए थे वह यह बिल्कुल न समझें कि उनमें दोबारा कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं हो सकती है। इसकी मेन वजह है कि कोरोना की दूसरी लहर में वायरस का म्यूटेंट बदला है। वहीं दूसरा कारण है कि बॉडी का इम्युनिटी लेवल कम होने पर भी व्यक्ति दोबारा से कोरोना संक्रमण का शिकार हो सकता है।

न बरतें लापरवाही

डॉक्टर्स के अनुसार दोबारा संक्रमण की चपेट में आने का सबसे बड़ा कारण है कि लोग कोरोना से बचाव की गाइड लाइन का कड़ाई से पालन नहीं कर रहे हैं। इसलिए मास्क का प्रयोग जरूर करें। हाथों को बार-बार सैनेटाइज करें या साबुन से धोते रहें।

केस 1

शहर के शांति विहार निवासी युवक में पिछले वर्ष अप्रैल में कोरोना की पुष्टि हुई थी। इस वर्ष 1 मई को युवक को फीवर के साथ ही गले में खराश की समस्या हुई थी तो उसने 300 बेड स्थित फ्लू कॉर्नर में जांच कराई जहां एंटीजन जांच में युवक दोबारा से कोरोना संक्रमित पाया गया।

केस 2

शहर के सिविल लाइंस निवासी 55 वर्षीय बुजुर्ग पिछले वर्ष जून माह में संक्रमित आए थे, घर पर तबियत बिगड़ने पर उन्होंने बीती 25 अप्रैल को जिला अस्पताल में बने ट्रूनेट लैब में जांच कराई तो उनकी एंटीजन जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई।

वायरस का म्यूटेंट बदला है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में तेजी से अटैक करता है। जिस कारण लोग दोबारा संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। वहीं कोरोना बचाव की गाइड लाइन का कड़ाई से पालन न करना भी इसका मुख्य कारण है।

डॉ। वागीश वैश्य, प्रभारी सीएमएस, 300 बेड कोविड हॉस्पिटल