बरेली (ब्यूरो)। चालान से बचने के लिए नहीं बल्कि की खुद की सुरक्षा के लिए हेलमेट लगाना आदत में डालें। हेलमेट से आपकी अपनी खुद की सुरक्षा है। अगर आप हेलमेट नहीं लगाएंगे तो पुलिस आपका चालान भी काट देगी जो आपको ही भरना होगा। उसके बाद भी हेलमेट लगाना होगा। इसीलिए हेलमेट लगाने की आदत अभी से डालें। ताकि आप सुरक्षित सफर कर सकेंगे और चालान का जुर्माना भरने से भी बचेंगे। यह बात एसपी ट्रैफिक राममोहन सिंह ने दैनिक जागरण आई नेक्स्ट और रेडिया सिटी की तरफ से चलाए जा रहे कैंपेन सेफ्टी फस्र्ट हेलमेट मस्ट के जागरूकता अभियान के तहत कहीं। दरअसल एसपी ट्रैफिक ने सैटरडे को इस अभियान को काफी सराहा और लोगों से भी इस अभियान में जुडऩे के लिए अपील की।

एक हजार रुपए है चालान
हेलमेट यूज नहीं करने पर आपको अगर कोई पुलिस कर्मी चालान करता है तो आपको एक हजार रुपए जुर्माना भरना पड़ेगा। दूसरी बार भी अगर आप बगैर हेलमेट के पकड़े जाते हैं और चालान होता है तो आपको दो हजार रुपए का जुर्माना भरना पड़ेगा। इसीलिए हेलमेट जरूर लगाए क्योंकि टू-व्हीलर पर हेलमेट अनिवार्य है और न लगाने पर आपको जुर्माना भी लगाया जाएगा।


प्रश्न : हेलमेट न लगाने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। ट्रैफिक पुलिस क्या कर रही है?
उत्तर : ट्रैफिक पुलिस लगातार अभियान चला रही है। फिलहाल हमारा पूरा फोकस उन स्कूली बच्चों और यूथ पर है, जो बिना लाइसेंस, बिना हेलमेट सडक़ों पर दोपहिया दौड़ा रहे हैं।

प्रश्न : जो लोग हेलमेट नहीं यूज करते हैं उनके लिए क्या मैसेज देना चाहेंगे.
उत्तर-अगर कोई टू व्हीलर चलाता है तो उसको अपना टू व्हीलर स्टार्ट करने से पहले जैसे मोबाइल फोन लेना नहीं भूलता कोई व्यक्ति उसी तरह से हेलमेट को भी भूलना नहीं चाहिए। हेलमेट को आदत में लाना चाहिए। क्योंकि हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं बल्कि खुद की सुरक्षा के लिए यूज करना चाहिए। क्योंकि शरीर के किसी भी पार्ट को एक्सीडेंट में क्षति पहुंचती है तो वह एक बार ठीक होने की उम्मीद अधिक होती लेकिन अगर सिर में चोट लगती है तो वह अधिक नुकसान दायक होती है। इसीलिए ख्ुाद की सुरक्षा के लिए हेलमेट लगाएं।

प्रश्न : अवेयरनेस के लिए क्या प्रोग्राम किये जा रहे हैं?
उत्तर : हम विभिन्न माध्यमों से लोगों तक और खासकर स्टूडेंट्स तक यह बात पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं कि वे हेलमेट जरूरी लगायें और ट्रैफिक रूल्स का पालन करें। इसके लिए नवम्बर माह में कई स्कूलों कॉलेजेज में भी कार्यक्रम किया। हम आने वाले दिनों में सिटी में भी लोगों को अवेयनेस कार्यक्रम करते रहेंगे। हमारा मानना है कि इस तरह के परंपरागत तरीकों से दिये गये संदेश लोग ज्यादा सही तरीके तक ग्रहण करते हैं।

प्रश्न: दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के हेलमेट अभियान पर आपका संदेश क्या है?
उत्तर: दैनिक जागरण आई नेक्स्ट का यह अभियान बहुत की बेहतर अभियान है। समाचार माध्यमों में लोग ज्यादा विश्वास करते हैं, इसलिए मेरा मानना है कि दैनिक जागरण आई नेक्स्ट और रेडियो सिटी के इस अभियान पर लोग ध्यान देंगे और हेलमेट यूज करेंगे। हमें भी यह अभियान लगातार तब तक चलाना होगा, जब तक हेलमेट बरेलियंस के आदतों में शुमार न हो जाए। यह भी तय है कि अकेले ट्रैफिक पुलिस या पुलिस और सरकारी मशीनरी इसमें तब तक सफल नहीं हो सकती, जबकि तक कि आम नागरिकों की साझीदारी न हो। मैं दैनिक जागरण आई नेक्स्ट और रेडियो सिटी के माध्यम से सभी जागरूक नागरिकों को इस अ िायान से जुडऩे की अपील करता हूंंंंंंं।