बरेली (ब्यूरो)। कैैंसर आज के टाइम पर डायबिटीज के बाद भारत में सबसे तेजी से बढ़ रहा है। लोगों में यह सबसे बड़ी परेशानी बनती जा रही है। इसका असर यह है कि अब कम उम्र के लोगों पर भी कैंसर की समस्या आसानी से दिखी जा रही है। भारत में कैंसर के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। अपोलो हॉस्पिटल की एक स्टडी में चौकाने वाला सच सामने आ रहा है। उनकी रिपोर्ट के अनुसार 2025 में 15.7 लाख तक कैंसर के मामले पहुंच सकते हैैं। कैंसर एक्सपर्ट डॉ। अभिषेक सिंह ने बताया कि यंग एज में कैंसर की सबसे बड़ी वजह युवाओं में तंबाकू, स्मोकिंग, जंक फूड, लाइफ स्टाइल, हैवी मेटल्स आदि का सेवन करने है।

डरा रहे आंकड़े
अपोलो से आई रिपोर्ट में चौंकाने और साथ ही साथ डराने वाला सच सामने आया है। कम उम्र के लोग कैंसर से जूझ रहे हैैं, जो काफी चिंताजनक है। स्टडी की रिपोर्ट के अनुसार साल 2020 में देश में कैंसर के सिर्फ 13.9 लाख मरीज थे। 2025 तक इसकी संख्या 15.7 लाख तक पहुंच सकती है। इसका साफ-साफ मतलब है कि 5 साल में कैंसर के मामलों में 13 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है।

कैंसर का रिस्क ज्यादा
रिपोर्ट के अनुसार भारत की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और पुरुषों में लंग्स कैंसर सबसे तेजी से फैलने वाले कैंसर में से एक है। इनमें अमेरिका और ब्रिटेन के अलावा कई देशों का कंपैरिजन किया गया और देखा गया कि भारत में कम उम्र के लोगों कैंसर काफी तेजी से अपना शिकार बना रहा है। इसे लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि बाकी देशों की तुलना में कैंसर की स्क्रीनिंग काफ कम या बहुत ज्यादा देर से हो रही है। वहीं कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो इनीशियल स्टेज में किसी को पता ही नहीं चलती है.बता दें कि रिपोर्ट के मुताबिक कोलन कैंसर, आंतों का कैंसर युवाओं में काफी हो रहा है। कोलन और आंतों के कैंसर से 50 साल से कम उम्र वाले करीब 30 प्रतिशत मरीज हैैं। वहीं रिपोर्ट में यह आशंका भी जताई जा रही है कि आने वाले 10 सालों में इस कैंसर के मरीज दोगुनी हो सकते है। महिलाओं में सर्विक्स कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ओवरी कैंसर काफी देखने को मिल रहा है। वहीं पुरुषों में माउथ कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर का खतरा काफी ज्यादा देखने को मिल रहाा है।

कैंसर के प्रकार

कैंसर कोई एक बीमारी नहीं है। यह एक सा व्यवहार करने वाली लगभग 200 से ज्यादा प्रकार की बीमारियों का समूह है। जहां शरीर के किसी हिस्से की असामान्य कोशिकायें लगातार, बिना रुके बढ़ती जाएं और आसपास व शरीर के दूसरे अंगों में फैलती जाएं। कैंसर शरीर के विभिन्न हिस्सों में विकसित हो सकता है और अन्य क्षेत्रों या अंगों में ब्लडस्ट्रीम या लसिका प्रणाली के माध्यम से फैल सकता है। प्रत्येक हिस्से में बने कैंसर के अपने विशेष लक्षण और उपचार विकल्प होते हैं। कुछ सामान्य कैंसर के प्रकार में स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, लंग्स कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, पित्त की थैली के कैंसर, और ल्यूकेमिया आदि शामिल हैं। कैंसर को कोशिकाओं के प्रकार और प्रभावित अंगों या ऊतकों के आधार पर भी वर्गीकृत किया जाता है।

जेनेटिक वजह
डॉक्टर्स के अनुसार कई बार कैंसर होने की वजह ही नहीं होती है। कैंसर हमारे जीन्स में ही मौजूद होते हैैं। यह हमारे माता-पिता से बच्चे बच्चों में ट्रांसफर होती होता है। ऐसे में लोगों को कम एज में ही कैंसर होने की संभावनाएं होती हैैं। वहीं अगर पेरेंट्स टाइमली ही अपने बच्चे का ट्रीटमेंट करा लें तो इससे बचा जा सकता है।


कैंसर कम उम्र में होना काफी चिंता का विषय हैै। इसकी कई वजह हैं। लोगों का खराब रहन-सहन, अनहेल्दी खाना। लोगों की लाइफ स्टाइल पूरी तरह से बदल गई है। लोगों को सेल्फ हेल्थ पर फोकस करना चाहिए।
डॉ। अभिषेक सिंह, ऑन्कोलॉजिस्ट

वैसे तो कैंसर कई वजह से हो रहा है, लेकिन लोगों का बिगड़ता लाइफ स्टाइल कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। खानपान में अडल्ट्रेशन, बाहर के खाने पर ज्यादा डिपेंडेंसी होना कैंसर को बुलावा देता है। वेस्टर्न कल्चर से लोग काफी ज्यादा प्रभावित हो रहे हैैं।
डॉ। पुलकित अग्रवाल, ऑन्कोलॉजिस्ट