बरेली ब्यूरो। डेंगू के साथ ही अब अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए पूरे जिले में डोर टू डोर टीमों की दस्तक होगी। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और मलेरिया के बाद अब फाइलेरिया से लोगों के बचाव के लिए कार्य योजना तैयार कर ली है। जिले भर में अभियान को अंजाम देने के लिए 35 टीमों का गठन कर दिया गया है वहीं टीमों को इस बाबत प्रशिक्षण भी दे दिया गया है।

साढ़े आठ लाख घरों में होगी दस्तक
विभाग की ओर से जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए साढ़े आठ लाख घरों को सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर ली है। आगामी 22 नवंबर से 7 दिसंबर तक व्यापक रुप से अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जिले के साढ़े आठ परिवारों को गाइड लाइन के अनुसार दवा खिलाई जाएगी।

किस आयु वर्ग को कितनी खुराक
आयु वर्ग - खुराक डीईसी - एल्बेन्डाजोल
0 से दो वर्ष - शून्य - शून्य
दो से 5 वर्ष - एक गोली - एक गोली
6 से 14 वर्ष - दो गोली - एक गोली
15 वर्ष से अधिक - 3 गोली - एक गोली


फाइलेरिया के लक्षण
- तेज फीवर आना
- हाथ पैरों की नसों का फूलना या फिर गांठ पड़ जाना
- हाथ पैरों में सूजन आना, प्राइवेट पार्ट आदि में सूजन होना

कारण
हेल्थ अफसरों के अनुसार फाइलेरिया रोग मादा क्यूलैक्स मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर गंदे पानी में पैदा होते हैं। रोग जनित मच्छर घरों के बाहर गंदी नालियों, टूटे हुए डिब्बे आदि में पनपते हैं।

बचाव
- घरों के आसपास पानी न जमा होने दें, रात के समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, नालियों में डीडीटी का छिड़काव करें वहीं कूलर, टूटे हूए सामान में पानी जमा न होने दें।

पार्षद भी करेंगे सहयोग
हेल्थ डिपार्टमेंट के साथ ही नगर निगम प्रशासन ने भी शहर में फाइलेरिया के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है। मंडे को मेयर डॉ उमेश गौतम ने समस्त पार्षदों और निगम अधिकारियों के साथ बैठक कर आदेश जारी किया। मेयर ने कहा कि फाइलेरिया की दवा हर घर तक पहुंचे इसकी जिम्मेदारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ। अशोक कुमार को दी गई है वहीं पार्षदों से अपील है कि सभी इस अभियान को सफल बनाने में नगर निगम का सहयोग करेंगे।


संचारी रोग के तहत अब आगामी 22 नवंबर से जिले में फाइलेरिया से बचाव को लेकर अभियान चलाया जाएगा जिसकी कार्य योजना तैयार कर टीमें गठित कर दी गईं हैं।
डॉ। देशराज सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी