- 300 बेड सरकारी अस्पताल में नौकरी दिलवाने के नाम पर 50 बेरोजगारों से ठगे से करीब डेढ़ करोड़

- चार पर रिपोर्ट के बाद पुलिस अब कथित मास्टरमाइंड विकास के पीछे, पश्चिम बंगाल में मिली लोकेशन

बरेली। 300 बेड सरकारी अस्पताल में नौकरी दिलवाने के नाम पर करीब डेढ़ करोड़ की ठगी के मामले में तीन स्वास्थ्य कर्मियों समेत चार पर रिपोर्ट करने के बावजूद अब भी पुलिस खाली हाथ है। ठगी का मास्टरमाइंड कहे जाने वाले विकास यादव के खिलाफ एनबीडब्ल्यू की कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। वहीं जांच के दौरान पुलिस को अब विकास की लोकेशन पश्चिम बंगाल में मिली है। पुलिस जल्द ही मामले में जांच कर खुलासा करने का दावा कर रही है।

यह है मामला

300 बेड सरकारी अस्पताल में वॉर्ड ब्वाय, हेल्पर, टेक्नीशियन, नर्स व अन्य पदों पर भर्ती के नाम पर 50 बेरोजगार युवक-युवतियों से ठगी का मामला 29 जनवरी को सामने आया था। रुपये देने के बावजूद नौकरी ना लगने पर पीडि़तों ने एसएसपी से मामले की शिकायत की थी। मामले में जांच के बाद जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के बाबू समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। मामले में पुलिस अब जांच कर रही है।

अस्पताल प्रशासन से मांगा जवाब

एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि पीडि़तों ने जांच टीम को अस्पताल में हुए मेडिकल सर्टिफिकेट्स भी सौंपे हैं। इन्हें लेकर अस्पताल प्रशासन के जवाब मांगा गया है कि अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद कैसे मेडिकल परीक्षण करा लिया गया, लेकिन अभी तक अस्पताल प्रशासन मामले में लीपापोती करने में लगा हुआ है। वहीं सामने आया है कि विकास यादव के नाम से ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों में अब तक करीब 50 लाख के ट्रांजेक्शंस किए जा चुके हैं।

विकास अब पश्चिम बंगाल में

पुलिस के मुताबिक ठगी का मास्टरमाइंड कहे जा रहे विकास यादव के खिलाफ एनबीडब्ल्यू की कार्रवाई शुरू की जा चुकी है। कोर्ट में इसके लिए अर्जी भी सीओ सिटी ने दी। अब जांच के दौरान सामने आया है कि वह अपनी पत्नी के मायके में छिपा हुआ था। वहीं अब सीडीआर के मुताबिक उसकी लोकेशन पश्चिम बंगाल की सामने आ रही है। पुलिस जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर लेगी। वह अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।