फैक्ट एंड फिगर
15 पंप पर जाती है सैटेलाइट पंप से सप्लाई
10 लाख का पंप पर मंडे को हुआ नुकसान
17 हजार जिले में सीएनजी वाहन है रजिस्टर्ड
10 हजार 400 निजी वाहनक
07 हजार 478 कमर्शियल

बरेली(ब्यूरो)। सैटेलाइट सीएनजी पंप पर सोमवार को एक प्राइवेट बस में आग लग गई थी। आग इतनी विकराल थी कि पंप की छत से लेकर पास में लगे पेड़ के पत्ते सब जल गए थे। हालांकि दमकल विभाग ने समय रहते आग पर काबू पा लिया था। इसको लेकर सीयूजीएल प्रबंधक ने कहा था कि इससे उन्हें लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। सीएनजी पंप पर हुए हादसे के बाद लेकिन, दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के रियलिटी चेक में सच्चाई कुछ और ही सामने आई। इतने भयंकर हादसे के बाद भी शहर के कई पंप अब भी बिना हाइड्रो टेस्ट जांचे सीएनजी फिल कर रहे हैैं। इनमें सैटेलाइट स्थित सीएनजी पंप भी शामिल है। ऐसे में अगर कोई इससे भी बड़ा हादसा होता है तो इसका जिम्मेदार आखिर कौन होगा।

इसमें लगी थी आग
सीयूजीएल मैनेजर मंसूर अली ने बताया कि उनके इस पंप से जिले में 15 पंपों पर सप्लाई भेजी जाती है। यूपी 13 एटी 2699 नंबर की एक बस मंडे को पंप पर सीएनजी फिल करवाने आई थी। गैस भरवाने के बाद उसमें चालक की सीट के पास से शार्ट सर्किट हुआ और बस में आग लग गई थी। मंसूर अली ने बताया कि हादसे के बाद सभी पंपों और कंप्रेशर की पूरी तरह से जांच की गई। उन्होंंने बताया कि बस में आग लगने से उनके पंप पर करीब आठ से दस लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

टेस्ट है जरूरी
आरआई मानवेंद्र प्रताप सिंह बताते है कि किसी भी सीएनजी वाहन के सिलेंडर का हाइड्रोटेस्ट होता है। जिसे हर तीन साल में करवाना जरूरी होता है। अगर सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट नहीं हुआ होता है तो सीएनजी पंप चालक उसमें गैस फिल नहीं कर सकता है। अगर बिना हाइड्रो टेस्टिंग के वाहनों में गैस फिल की जाती है तो संबंधित पर कार्रवाई की जाती है। सीएनजी वाहन का हाइड्रो टेस्ट करने के बाद उसमें एख कंप्लाइंस प्लेट लगाई जाती है। जिसको चेक करने के बाद ही सीएनजी पंप कर्मी उसमें गैस फिल करता है।

फिल कर रहे सीएनजी
मंगलवार सुबह दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की टीम सैटेलाइट स्थित सीएनजी पंप पर पहुंची थी। जहां पर टीम ने देखा कि कर्मचारियों द्वारा वाहनों में बिना हाइड्रो टेस्टिंग जांचे ही सीएनजी फिल की जा रही थी। साथ ही इसको लेकर पूछने पर कर्मचारियों का कहना था कि कई वाहनों का वह चेक कर लेते हैैं। लेकिन फिर भी कुछ में छूट जाती हैै। इसी तरह बदायंू रोड स्थित गुरूनानक सीएनजी पंप पर भी बिना हाइड्रो टेस्ट के गैस फिल की जा रही थी। टीम ने कई वाहनों के फोटो किए जिनका हाइड्रो टेस्ट बहुत पहले एक्सपायर हो चुका था। इसके साथ ही अन्य पंपों पर भी सीएनजी बिना हाइड्रो टेस्ट प्लेट देखे व एक्सापयरी के बाद भी फिल की जा रही है।

10 रुपए एक्स्ट्रा लेते हैैं
नाम न छापने की शर्त पर कई ऑटो चालकों ने बताया कि पंप कर्मचारी अगर एक्सपायर हाइडे टेस्ट का प्लेट देख लेते हैैं तो सीएनजी डालने से मना कर देते है। फिर भी उनसे बार-बार अनुरोध करें तो वह दस रुपए अधिक लेकर गैस फिल कर देते हैैं। कई वाहन चालक इसी ट्रिक को अपनाते हैैं।

लडऩे को हो जाते हैैं तैयार
बदायूं रोड स्थित गुरूनानक पैट्रोल पंप के मैनेजर विशाल बताते हैं कि कई बार एक्सपायर हाइड्रो टेस्ट वाहनों के चालक गैस न डालने पर लडऩे लगते हैैं। तो कोई अपनी पहुंच दिखाते हुए गैस फिल करने के लिए बोलता है। वहीं इसको लेकर पंप मैनेजर बबलू बताते हैं कि हाइड्रो टेस्ट चेकिंग के लिए आरटीओ की ओर से भी कार्रवाई करनी चाहिए, अगर हम यहां पर लोगों को बिना हाइड्रो टेस्ट के गैस डालने से मना करेंगे तो लोग हमसे लडऩे को तैयार हो जाएंगे। इसके लिए अभियान चलाकर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने की जरूरत है।