बरेली (ब्यूरो)। झारखंड के कैरियर संग बदायूं के तस्कर को रविवार को एसटीएफ ने दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से तीन किलो अफीम व 82 हजार रुपए बरामद किए हैं। तस्कर संजय पासवान झारखंड के चतरा जिले के हारा परतापुर गांव व रामचंद्र बदायूं अंतर्गत थाना वजीरगंज के लहरालारपुर का रहने वाला है। बरेली नारकोटिक्स ब्यूरो जांच में जुटी है।
बरेली एसटीएफ यूनिट प्रभारी अजय पाल सिंह ने बताया कि संडे को रामगंगा नदी के पास अखा मोड़ पर अफीम तस्कर के बारे में जानकारी मिली। नारकोटिक्स ब्यूरो बरेली व एसटीएफ की टीम पहुंची और दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में एक ने अपना नाम संजय पासवान तथा दूसरे ने रामचंद्र बताया।

पूछताछ में दी जानकारी
दोनों के पास से अफीम बरामद की गई। तस्कर संजय ने बताया कि आदिवासी से वह अफीम लेता है। इसके बाद बरेली, बदायूं व उत्तराखंड की पार्टी को सप्लाई देता है। बहेड़ी, फरीदपुर, आंवला, मीरगंज में उसने सप्लाई की बात स्वीकारी। बताया कि तीन अप्रैल को 13 किलो अफीम उसने बहेड़ी निवासी खूबकरन को दी थी जिसे एसटीएफ की टीम ने ही शाहजहांपुर में गिरफ्तार कर लिया था। 28 अप्रैल को खूबकरन की बेटी की शादी में उसकी मुलाकात रामचंद्र से हुई। अफीम के लिए रामचंद्र ने एडवांस रुपए दे दिए। इसके बाद वह सप्लाई लेकर पहुंचा था। माल देने के लिए रामचंद्र को बरेली बुलाया था। उनसे अफीम, नकदी के साथ बाइक, मोबाइल व एटीएम कार्ड बरामद हुए है।

पंजाब, दिल्ली व उत्तराखंड तक फैला है नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया है कि रामचंद्र का नेटवर्क पंजाब, दिल्ली व उत्तराखंड तक फैला है। झारखंड के कैरियरों से वह सप्लाई लेकर गुर्गों के जरिए तीनों प्रदेशों में खेप खपाता है। नारकोटिक्स गिरोह के लोगों के बारे में दोनों से जानकारी जुटा रही है।


150 ग्राम स्मैक संग तस्कर पकड़ा
आंंवला/बिशारतगंज। पुलिस ने संडे को चेकिंग के दौरान एक तस्कर को 150 ग्राम स्मैक के साथ दबोच लिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद तस्कर को जेल भेज दिया है।
संडे को बिशारतगंज थाने की पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इस दौरान उधर से गुजरे एक युवक को रोका तो उसने भागने का प्रयास किया। पुलिस ने पीछा कर उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 150 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपना नाम मुन्ना राशिद पुत्र मोहम्मद उमर निवासी वार्ड नंबर 12 कस्बा बिशारतगंज बताया। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया।